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‘डेढ़ लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे’ – Republic Summit में PM मोदी ने विरोधियों को दिया करारा जवाब

पीएम मोदी ने दावा किया कि 'प्रधानमंत्री जनधन योजना' और उनकी अन्य योजनाओं के चलते 37 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खुले हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने विरोधियों पर एक बार फिर ज़ोरदार हमला बोला है। रिपब्लिक टीवी के Republic Summit 2019 को सम्बोधित करते हुए मोदी ने न केवल अपनी सरकार के 5.5 सालों की उपलब्धियाँ गिनाईं बल्कि विरोधियों को भी करारा जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विरोधियों की चलती तो देश में जीएसटी कभी लागू ही न हो पाता। गौरतलब है कि राहुल गाँधी जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहते हैं।

उन्होंने कहा कि उनके दूसरे प्रोजेक्ट आधार को भी बेपटरी करने की पूरी कोशिश की गई। लोग सुप्रीम कोर्ट तक आधार को घसीट ले गए।

मोदी ने दावा किया कि आधार को सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए ज़रूरी बनाने से ₹1.5 लाख करोड़ की बर्बादी पर रोक लगी है। इसके पहले भी सब्सिडी लीकेज रोकने में सफलता को मोदी सरकार न केवल अपनी सबसे बड़ी सफलताओं में गिनाती रही है, बल्कि इसे आधार पर किसी भी तरह की आपत्ति के खिलाफ भाजपा के प्रमुख तर्क के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

प्रधानमंत्री ने जीएसटी लागू होने से दामों में आई गिरावट की भी याद दिलाई। दावा किया कि जीएसटी के बाद से रोज़मर्रा के सामान पर टैक्स ~31% से गिरकर लगभग 10-12% तक कम हुआ है।

उन्होंने 23 मई को लोकसभा चुनाव जीतने पर दिया गया अपना “सबका साथ- सबका विकास और सबका विश्वास” का नारा भी दोहराया।

60 करोड़ टॉयलेट के ज़िक्र से उन्होंने साफ़ किया कि स्वच्छ भारत मिशन उनकी सरकार की प्राथमिकता में बरकरार रहेगा।

मोदी ने दावा किया कि ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना’ और उनकी अन्य योजनाओं के चलते 37 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खुले हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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