भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऐतिहासिक जीत के बाद जहाँ पूरे देश में जश्न का माहौल है, वहीं इसी जश्न से जुड़ा एक विवाद भी सामने आ गया है। भारतीय टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगा है।
फाइनल मैच के बाद अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए जश्न के दौरान पांड्या की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। इन वीडियो में वह अपनी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा के साथ जश्न मनाते हुए दिखाई दे रहे हैं और उनके कंधे पर भारतीय तिरंगा लिपटा हुआ है।
इसी को लेकर पुणे के एक वकील वाजिद खान ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि पांड्या ने जश्न के दौरान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का ध्यान नहीं रखा। शिकायत में कहा गया है कि तिरंगे को शरीर पर लपेटकर और मंच पर लेटते हुए जश्न मनाना राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के खिलाफ है।
यह शिकायत शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में दी गई है। हालाँकि पुलिस ने अभी तक FIR दर्ज नहीं की है और मामले की जाँच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला
शिकायत के मुताबिक, भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की जीत के बाद मैदान पर खिलाड़ी और उनके परिवार के लोग जश्न मना रहे थे।
इसी दौरान हार्दिक पांड्या अपनी गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा के साथ मैदान पर दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पांड्या के कंधे पर तिरंगा लिपटा हुआ है और वह डांस करते हुए और ट्रॉफी के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं।
Hardik Pandya is world class talent
— Flt Lt Anoop Verma (Retd.) 🇮🇳 (@FltLtAnoopVerma) March 9, 2026
His ability to hit sixes is phenomenal
He is all format player with exceptional acumen with batting, bowling & fielding abilities
But
His conduct in front of his own fans earns him a title of ‘Chapri’
May be one of the reason for him not… pic.twitter.com/Hwkn3RczSj
एक और वीडियो में दोनों को स्टेज के पास लेटे हुए भी देखा गया। आरोप लगाने वाले वकील का कहना है कि उस समय भी पांड्या के शरीर पर तिरंगा लिपटा हुआ था।
वकील वाजिद खान का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज के साथ इस तरह का व्यवहार उसकी गरिमा के खिलाफ है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को जश्न मनाने का पूरा अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान का ध्यान रखना भी जरूरी है।
वकील ने पुलिस में क्या शिकायत की
पुणे के वकील वाजिद खान ने शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज पूरे देश का प्रतीक है और उसका सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
#WATCH | Pune: Advocate Wajid Khan says, "You must have seen the T20 World Cup here. Hardik Pandya was dancing with his girlfriend in celebration of his victory. The national flag was tied to his back… According to Section 2 of the 1971 National Flag Act, we should respect the… pic.twitter.com/mHVHn336ql
— ANI (@ANI) March 12, 2026
उन्होंने कहा, “आपने टी20 वर्ल्ड कप के जश्न की तस्वीरें देखी होंगी। हार्दिक पांड्या अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जश्न मना रहे थे और उनके शरीर पर राष्ट्रीय ध्वज लिपटा हुआ था। बाद में वे उसी हालत में मंच पर लेटे हुए दिखाई दिए। यह राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के खिलाफ है।”
शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिस ने उनसे पूछा कि घटना अहमदाबाद में हुई है, फिर शिकायत पुणे में क्यों की जा रही है। इस पर वकील ने कहा कि तिरंगा पूरे देश का प्रतीक है, इसलिए देश के किसी भी हिस्से में इसकी शिकायत की जा सकती है।
पुलिस ने फिलहाल उनकी शिकायत स्वीकार कर ली है और उन्हें उसकी कॉपी भी दे दी है। अब पुलिस वायरल वीडियो और तस्वीरों की जाँच कर रही है। जाँच के बाद ही यह तय होगा कि इस मामले में FIR दर्ज होगी या नहीं।
पहले भी तिरंगे को लेकर हो चुके हैं विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब किसी खिलाड़ी का नाम राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े विवाद में आया हो। साल 2007 में महान क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर भी इसी तरह के विवाद में फंस गए थे। उनके जन्मदिन की एक तस्वीर वायरल हुई थी जिसमें तिरंगे के डिजाइन वाला केक काटा जा रहा था। कुछ लोगों ने इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताया और शिकायत भी दर्ज कराई थी।
इसी तरह साल 2015 में टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा को भी विवाद का सामना करना पड़ा था। एक तस्वीर में वह स्टेडियम में कुर्सी पर बैठी दिखाई दे रही थीं और उनके सामने जमीन पर भारतीय तिरंगा नजर आ रहा था। इस तस्वीर को लेकर कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्होंने तिरंगे का अपमान किया है। बाद में इस मामले को लेकर काफी बहस हुई थी।
भारतीय तिरंगे के सम्मान से जुड़े नियम और सजा
भारत में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। मुख्य रूप से यह नियम प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के तहत आते हैं। इस कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति अगर सार्वजनिक जगह पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को जलाता है, फाड़ता है, गंदा करता है, पैरों तले रौंदता है या किसी भी तरह से उसका अपमान करता है, तो यह अपराध माना जाता है।
अगर कोई व्यक्ति इस कानून का उल्लंघन करता है तो उसे सजा भी हो सकती है। इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। इसके अलावा फ्लैग कोड ऑफ इंडिया में भी तिरंगे के इस्तेमाल को लेकर कई नियम तय किए गए हैं।
भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के सम्मान को बनाए रखने के लिए कुछ जरूरी नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के अनुसार तिरंगे को कभी भी जमीन या पानी पर गिरने नहीं देना चाहिए, क्योंकि इसे देश की शान और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
इसी तरह तिरंगे का इस्तेमाल कपड़े, कुशन, या किसी भी तरह की सजावट के रूप में नहीं किया जा सकता। यदि झंडा फट जाए या गंदा हो जाए तो उसे फहराना भी सही नहीं माना जाता। कुल मिलाकर राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल हमेशा सम्मानजनक तरीके से ही होना चाहिए, ताकि देश की पहचान और उसकी गरिमा बनी रहे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य यही है कि तिरंगे का सम्मान हर परिस्थिति में सुरक्षित रखा जाए।


