Wednesday, April 1, 2020

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Sachin Tendulkar

धोनी, सचिन, रोजर फेडरर समेत फुटबॉलर्स ने कोरोना के लिए जमा किए करोड़ों

टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर और उनकी पत्नी मिर्का ने कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए करीब 8 करोड़ रुपए की धनराशि दान की है। जबकि पुर्तगाल के मशहूर फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 8.28 करोड़ दान दिए और लियोनल मेसी ने भी 8 करोड़ रुपए दान दिए हैं।

बाबा CM तो बेटे को Z सिक्योरिटी: आदित्य ठाकरे की सुरक्षा बढ़ी, सचिन तेंदुलकर की घटी

आदित्य ठाकरे को पहले Y+ सुरक्षा मिली हुई थी। लेकिन अब आदित्य ठाकरे की सुरक्षा को बढ़ाकर Z श्रेणी का कर दिया गया है। वहीं पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को X श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी। लेकिन अब उन्हें केवल एक पुलिस एस्कॉर्ट दिया जाएगा।

क्या यही है वो ‘गुरु’ जिसे ढूँढ रहे हैं सचिन तेंदुलकर, जिसके कहने पर बदल दिया था…

गुरु यानी गुरु प्रसाद। सचिन तेंदुलकर उनसे 19 साल पहले मिले थे। अब एक वीडियो जारी कर उनकी तलाश करने में लोगों से मदद मॉंगी है। ऐसा क्या है गुरु में खास कि खुद तलाश रहे क्रिकेट के भगवान?

‘मुझे तो नहीं लगता सचिन को क्रिकेट बहुत पसंद है’ – तेंदुलकर की माँ ने क्यों और कब कहा था ऐसा

"सचिन के साथ शैफ़ाली पढ़ती थी। उसने एक बार स्कूल में कह दिया, 'सचिन की माँ कितनी अजीब दिखती है।' अगले दिन मुझे स्कूल बुलाया गया। क्योंकि सचिन ने शैफ़ाली को सीने में मारा था और वो रो रही थी। सचिन ने बेझिझक बताया कि शैफ़ाली ने जो आपके बारे में कहा, इसलिए मारा।"

ICC ने बेन स्टोक्स को ऑल टाइम बेस्ट बता सचिन तेंदुलकर को किया ट्रोल, लोग नाराज़

सोशल मीडिया पर लोग इस बात से नाराज़ दिखे कि आईसीसी ने बेन स्टोक्स को विश्व का सर्वकालिक महानतम क्रिकेटर बताया और सचिन तेंदुलकर को ट्रोल किया। एक यूजर ने आईसीसी को लिखा कि तुम सही हो क्योंकि सचिन तो क्रिकेटर हैं ही नहीं, वह तो क्रिकेट के भगवान हैं।

सचिन तेंदुलकर बने ICC हॉल ऑफ़ फ़ेम में शामिल होने वाले छठे भारतीय क्रिकेटर

सचिन तेंदुलकर, हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले छठे भारतीय क्रिकेटर हैं। उनसे पहले आईसीसी ने क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी, वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल देव, दिग्गज सुनील गावसकर, राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले को शामिल किया था।

पाक PM के दोस्त ने सचिन को कहा इमरान खान तो लोगों ने बरखा दत्त को बताया इंजमाम, वजह दिलचस्प

इस ट्विटर हैंडल को संचालित करने वाले को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का विशेष सहायक बताया जा रहा है। यहाँ तक कि खुद पाकिस्तान मीडिया ही उस फोटो को सचिन तेंदुलकर की बता रही है इसी वजह से पाकिस्तान के लोग ही अब उन्हें ट्रोल करने लग गए हैं।

सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलियाई बैट कंपनी के ख़िलाफ़ किया मुक़दमा, ₹14 करोड़ का नहीं किया था भुगतान

तेंदुलकर ने बताया कि कंपनी द्वारा उन्हें भुगतान न किए जाने पर उन्होंने भुगतान के लिए औपचारिक अनुरोध भी किया। लेकिन, जब कोई जवाब नहीं आया, तो उन्होंने समझौते को समाप्त कर दिया और कंपनी से अपने नाम व फ़ोटो के इस्तेमाल करने के लिए मना कर दिया।

नियमों का उल्लंघन होने पर बल्लेबाजी पक्ष पर 7 रन का जुर्माना लगना चाहिए: सचिन तेंदुलकर

“मुझे लगता है कि अगर सर्कल के अंदर तीन क्षेत्ररक्षक हैं तो अंपायर उन्हें कभी नहीं कहता कि आपको चौथा क्षेत्ररक्षक रिंग में लगाने की ज़रूरत है और अगर नो बॉल होती है और इसके लिए फ्री हिट है। इसलिए क्षेत्ररक्षण करने वाली टीम को इसके लिए जुर्माना लगाया जाता है।"

शिकायत के बाद सचिन ने कहा: Mumbai Indians से एक रुपया भी नहीं लेता

मेरा किरदार मुंबई इंडियंस का मार्गदर्शन करने तक सीमित है। मैं मुंबईं इंडियंस के 'मैनेजमेंट', 'गवर्नेंस' या फिर 'एम्प्लॉयमेंट' में शामिल नहीं हूँ। मेरी भूमिका खिलाड़ियों ख़ासकर युवाओं को सिखाने, उनका मार्गदर्शन करने, अपनी अंतर्दृष्टि रखने और अपने अनुभव साझा करने तक सीमित है।

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 853981, भारत में अब तक संक्रमितों की संख्या 1397, 35 मौतें

दुनिया भर में अब तक 853,981 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 42,006 की मौत हो हुई है। 176,906 को सफलतापूर्वक रिकवर भी कर लिया गया है। भारत में 35 लोग अब तक इस संक्रमण से जान गॅंवा चुके हैं।

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

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रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

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