गुजरात के सूरत के वेसु इलाके के रहने वाले हिंदू युवक जील सोगासिया ने लेंसकार्ट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि हिंदू धार्मिक चिन्ह जैसे तिलक और शिखा हटाने से इनकार करने पर उसे कंपनी का ट्रेनिंग प्रोग्राम छोड़ना पड़ा।
Had to quit as Lenskart trainee as I refused to remove Tilak and Shikha: Surat Youth https://t.co/13VM5XQA9p pic.twitter.com/OcyLXk5FJY
— DeshGujarat (@DeshGujarat) April 18, 2026
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में कंपनी की आंतरिक ग्रूमिंग पॉलिसी को लेकर विवाद हुआ था। लीक हुए दस्तावेज के अनुसार, स्टोर कर्मचारियों के लिए बिंदी, तिलक और कलावा (पवित्र धागा) जैसे हिंदू धार्मिक चिन्हों पर प्रतिबंध लगाया गया था। जबकि उसी दस्तावेज में काले हिजाब और काली पगड़ी पहनने की अनुमति होने की बात कही गई थी।
जील सोगासिया के अनुसार, उन्हें नौकरी के लिए कॉल आया था और उन्होंने सूरत के वेसु इलाके में इंटरव्यू दिया था। उनका कहना है कि इंटरव्यू के दौरान धार्मिक पहनावे या चिन्हों को लेकर किसी तरह की शर्त नहीं बताई गई थी। लेकिन स्थिति तब बदल गई जब वे प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए नवी मुंबई पहुँचे।
मैनजमेंट ने दी धमकी, फिर नौकरी देने से किया इंकार
उनके मुताबिक, ट्रेनिंग सेंटर में दूसरे ही दिन मैनेजमेंट की तरफ से उनके लुक को लेकर अल्टीमेटम दिया गया। उनका आरोप है कि मैनेजमेंट ने उन्हें शिखा कटवाने और तिलक हटाने के लिए कहा। साथ ही उनके हाथ पर बने धार्मिक टैटू हटाने को भी कहा गया।
सोगासिया का दावा है कि उन्हें साफ तौर पर कहा गया कि अगर वे इन धार्मिक पहचान के चिन्हों को नहीं हटाएँगे तो कंपनी उन्हें नौकरी नहीं दे पाएगी। धार्मिक मान्यताओं से समझौता करने से इनकार करने पर सोगासिया को आखिरकार ट्रेनिंग सेंटर छोड़ना पड़ा। हालाँकि ये मामला कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। वहीं, इस मामले में कंपनी की तरफ से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

