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कार्ति चिदंबरम भी ED के रडार पर, रोक हटते ही हो सकते हैं गिरफ्तार: 16 कम्पनियाँ INX मीडिया जैसे घोटाले में शामिल

"कार्ति चिदंबरम को न ही जमानत मिली हुई है न ही अग्रिम जमानत। उन्होंने तो भ्रष्टाचार-निरोधक कानून मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के कुछ प्रावधानों को ही चुनौती दे दी थी। इसी की सुनवाई में कोर्ट ने संदर्भवश उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी। एजेंसी उसी के हटने का इंतज़ार कर रही है।"

INX घोटाले में चिदंबरम परिवार की मुश्किलें कम होतीं नहीं दिख रहीं हैं। एक तरफ़ दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व वित्त मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता पी चिंदंबरम की गिरफ़्तारी बरकरार रखते हुए उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया है, और दूसरी ओर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि उनके बेटे कार्ति चिदंबरम भी ईडी के रडार पर हैं- उनकी गिरफ़्तारी पर से अदालती रोक हटते ही एजेंसी उन्हें हिरासत में ले लेगी।

मजे की बात यह है कि ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह बात जब कही तो अदालत में कार्ति मौजूद थे। दरअसल चिदंबरम सीनियर ने दिल्ली हाई कोर्ट के उक्त आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर बहस के दौरान यह बात कही गई। कार्ति अपने पिता की जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए अदालत में थे।

एसजी तुषार मेहता ने कहा कि कार्ति चिदंबरम को न ही जमानत मिली हुई है न ही अग्रिम जमानत। उन्होंने तो भ्रष्टाचार-निरोधक कानून मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के कुछ प्रावधानों को ही चुनौती दे दी थी। इसी की सुनवाई में कोर्ट ने संदर्भवश उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी थी। एजेंसी उसी के हटने का इंतज़ार कर रही है।

इसके अलावा पी चिदंबरम को जमानत दिए जाने के विरोध में ईडी ने तर्क दिया कि वे कोई मासूम मंत्री नहीं थे, जिन्हें अँधेरे में रखा गया। मेहता के अनुसार INX मीडिया के अलावा भी कई कम्पनियाँ संदिग्ध हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि ईडी ने 16 कम्पनियाँ चिह्नित की हैं, जिनके मनी लॉन्ड्रिंग और संदेहास्पद आर्थिक गतिविधियों में शामिल होने की शंका है।

इस बीच भ्रष्टाचार के गहराते आरोपों के बावजूद कॉन्ग्रेस पूरे दम-खम के साथ चिदंबरम के पक्ष में है। दो दिन पहले ही वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और संचार मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष शशि थरूर कार्ति चिदंबरम के साथ पी चिदंबरम से मिलने पहुँचे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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