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धर्म पूछकर चाकू मारना था ISIS से जुड़ने का पहला टेस्ट, ATS ने खोली जुबैर के कट्टरपंथी मंसूबों की पोल: जानें- क्या है ‘लोन वुल्फ’ अटैक, जिसे जिहादी ने मुंबई में दिया अंजाम

मुंबई के मीरा रोड इलाके में धर्म पूछकर जैब जुबैर अंसारी ने दो सिक्योरिटी गार्डों सुब्रतो सेन और राजकुमार मिश्रा पर चाकू से हमला कर दिया। जाँच एजेंसियाँ इसे 'लोन वोल्फ' आतंकी हमले के तौर पर देख रही हैं।

मुंबई के मीरा रोड इलाके में धर्म पूछकर जैब जुबैर अंसारी ने दो सिक्योरिटी गार्डों सुब्रतो सेन और राजकुमार मिश्रा पर चाकू से हमला कर दिया। जुबैर ने दोनों गार्डों को ‘कलमा’ सुनाने को भी कहा और ऐसा न करने पर उसने जान से मारने की कोशिश की। आरोपित जुबैर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जाँच एजेंसियाँ इसे ‘लोन वोल्फ’ आतंकी हमले के तौर पर देख रही हैं।

पूरा मामला 27 अप्रैल 2026 को मीरा रोड के नया नगर इलाके स्थित निर्माणाधीन इमारत ‘अस्मिता ग्रांड मैन्सन’ का है, जहाँ सुरक्षा में दो सिक्योरिटी गार्ड सुब्रतो सेन और राजकुमार मिश्रा तैनात थे। पुलिस के मुताबिक, तड़के सुबह 3 बजे आरोपित जुबैर अंसारी ने पहले गार्ड सुब्रतो सेन से मस्जिद का रास्ता पूछा। एक घंटे बाद वापस आया और धर्म पूछने लगा। पुलिस का कहना है कि आरोपित जुबैर ने दूसरे गार्ड राजकुमार मिश्रा से कलमा भी पड़वाया और जब वह कलमा नहीं पढ़ पाए तो चाकू से हमला कर दिया।

हमले में दोनो गार्ड सुब्रतो सेन और राजकुमार मिश्रा गंभीर रूप से घायल हुए है, जिनका इलाज जारी है। डॉक्टर्स के अनुसार, सुब्रतो सेन खतरे से बाहर हैं जबकि राजकुमार मिश्रा की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं पुलिस ने 31 साल के आरोपित जैब जुबैर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़ित गार्ड का बयान

इलाज के बाद खतरे से बाहर गार्ड सुब्रतो सेन ने पुलिस को बयान दिया है। सेन ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि घटना लगभग सुबह 3 बजे की है, जब वह ड्यूटी पर थे। जुबैर अंसारी उनके पास आया और पूछा कि यहाँ कोई मस्जिद है क्या? इस पर सेन ने जवाब दिया कि दाएँ हाथ पर एक मस्जिद है, लेकिन उन्हें नाम नहीं मालूम। जुबैर ने गार्ड सेन से आगे पूछा, “क्या तुम हिंदू हो?” सेन ने हामी भरी। इसके बाद जुबैर वहाँ से चला गया। लेकिन सेन ने बताया कि वह आसपास सड़क पर घूमता रहा।

सेन ने आगे बताया, ” मैं लगभग 4 बजे मैं राजज सिनेमा के पास एक ईरानी चाय की दुकान पर चाय पीने गया। तब वहाँ मुझे वही आदमी (जुबैर अंसारी) दिखा। चाय पीने के बाद मैं 4.30 बजे अपनी ड्यूटी वाली जगह पर वापस आ गया। वही आदमी मेरे पास आया और कहने लगा- तुम हिंदू हो, है न? उसने फिर मेरे दाएँ हाथ को पकड़ा और चाकू से हमला कर दिया। मैंने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसने चाकू मेरी पींठ पर घोंप दिया।”

(फोटो साभार: IANS)

सेन ने आगे बताया, “मैं जैसे-तैसे उसके हमले से बचकर सुपरवाइजर के केबिन में पहुँचा और सारा मामला बताने लगा। तभी जुबैर अंसारी वहाँ पहुँच गया औऱ सुपरवाइजर से भी वही पूछा- तुम भी हिंदू हो, है न? अगर नहीं हो तो कलमा पढ़कर सुनाओ। जब मिश्रा कलमा नहीं पढ़ सके, तो जुबैर ने उनको चाकू से गोद डाला। डर के मारे मैं वहाँ से भाग गया और इमारत के पीछे जाकर छिप गया। 5-7 मिनट बाद जब मुझे कोई हलचल सुनाई नहीं दी, तब मैंने मिश्रा सर को फोन किया। उस समय मिश्रा सर रो रहे थे और उन्होंने मुझसे कहा- मैं मर जाऊँगा। मैं केबिन में पहुँचा तो दो और गार्ड मौके पर मौजूद थे। वे मिश्रा सर और मुझे अस्पताल ले गए।”

90 मिनट के जुबैर गिरफ्तार, फोन में मिला कट्टरपंथी कंटेन्ट

सूचना मिलते ही महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने CCTV की मदद से आरोपित जुबैर अंसारी की पहचान की और 90 मिनट के भीतर उसके मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके स्थित घर से उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद गार्ड सुब्रतो सेन की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई।

पुलिस ने बताया कि आरोपित जुबैर अंसारी मूलरूप से मुंबई के कुर्ला इलाके का रहने वाला था। वह साइंस से ग्रेजुएट है और 2010 से 2019 तक अमेरिका में भी रह चुका है। नौकरी नहीं मिली तो वह वापस भारत लौट आया और मीरा रोड में अकेले रहने लगा। यह भी बताया गया कि वह केमिस्ट्री की ऑनलाइन कोचिंग पढ़ाता था।

महाराष्ट्र ATS ने जुबैर के घर की छापेमारी

मामला गंभीर होने के चलते अब इसकी जाँच महाराष्ट्र ATS को सौंपी गई है। जाँच एजेंसियाँ इस हमले को संभावित ‘लोन वोल्फ’ आतंकी हमले के रूप में देख रही हैं। ATS ने आरोपित जुबैर अंसारी के किराए घर पर छापेमारी की। छापेमारी में जुबैर के घर से हाथ से लिखे गए कुछ नोट्स बरामद हुए। जाँच एजेंसियों के अनुसार, नोट्स में ISIS में भर्ती होने की इच्छा जताई गई थी और गार्ड पर हमले को इस ओर अपना पहला कदम बताया गया था।

जाँच एजेंसियों मान रही हैं कि कि वह एकांतवास में रहता था इसीलिए इंटरनेट कट्टरपंथी विचारधारा का कंटेन्ट देखता था, जिससे प्रभावित होकर उसने यह हमला किया। फिलहाल उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप की फोरिंसिक जाँच की जा रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वह किसी विदेशी आतंकी नेटवर्क या हैंडलर के संपर्क में था या नहीं।

क्या है ‘लोन वुल्फ’ हमला?

मुंबई में हिंदू गार्ड पर धर्म पूछकर और कलमा न सुनाने पर चाकू से किए गए इस हमले को जाँच एजेंसियाँ ‘लोन वुल्फ‘ आंतकी हमले के रूप में देख रही हैं। यानी वो आतंकी हमला, जिसमें कोई अकेला व्यक्ति किसी बड़े आतंकी संगठन के सीधे आदेश या मदद के बिना अकेले ही हमला करता है। ऐसा हमलावर अक्सर इंटरनेट, सोशल मीडिया या कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर खुद ही योजना बनाता है और उसे अंजाम देता है।

चूँकि इसमें कोई बड़ा नेटवर्क या कोई बड़ा संगठन शामिल नहीं होता, इसलिए सुरक्षा एजेंसियों के लिए ऐसे हमलों का पहले से पता लगाना बेहद मुश्किल होता है। यही वजह है कि ‘लोन वुल्फ’ आज दुनिया भर में सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुके हैं। मुंबई में गार्ड पर हमला भी इसी तरह प्लान किया गया था, यहाँ आरोपित इंटरनेट से कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और वह हिंदुओं से नफरत करने लगा इसीलिए उसने पीड़ितों से धर्म पूछकर उनपर हमला किया।

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पूजा राणा
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