भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को गुमराह करने वाले ब्रांड नामों, ट्रेड नामों और प्रोडक्ट के दावों से जुड़े FSS एक्ट, 2006 के नियमों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी किए हैं।
संस्था ने स्पष्ट किया है कि खाद्य कंपनियों को लेबलिंग और डिस्पे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा ताकि उपभोक्ताओं को उत्पादों की वास्तविक गुणवत्ता और पोषण संबंधी जानकारी सही तरीके से मिल सके।
FSSAI ने एक दर्जन से अधिक उत्पादों और ब्रांड नामों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ‘हेल्दी’, ‘ऑर्गेनिक’ और ‘जीरो मैदा’ जैसे शब्दों का उपयोग कई मामलों में उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है। सूची में द हेल्थ फैक्ट्री के ‘जीरो मैदा’ व्होल व्हीट ब्रेड और ‘जीरो मैदा’ पिज्जा बेस, ट्रूवी के ‘हेल्दी’ नाम वाले कई स्नैक उत्पाद, साथ ही अन्य ब्रांड शामिल हैं।
FSSAI has issued notices to several food business operators (FBOs) for violating provisions of the FSS Act, 2006 regarding misleading brand names, trade names, and product claims… (1)2 pic.twitter.com/CgSVspoQxS
— FSSAI (@fssaiindia) June 14, 2026
FSSAI ने कहा कि ऐसे नाम उपभोक्ताओं को उत्पाद के स्वास्थ्य लाभ या पोषण मूल्य के बारे में गलत धारणा दे सकते हैं। इसी तरह न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन को ‘ट्रू विटामिन’ शब्द के इस्तेमाल पर नोटिस जारी किया गया क्योंकि यह मौजूदा नियमों में मान्य परिभाषा नहीं है। FSSAI ने ऑर्गेनिक और वीगन दावों पर भी सख्ती दिखाई है।
संस्था ने कहा कि जिन उत्पादों के पास आवश्यक प्रमाणन या अनुमोदन नहीं है, वे ऐसे दावे नहीं कर सकते। साथ ही कुछ उत्पादों में सामग्री से जुड़े दावों और पैकेजिंग को भी उपभोक्ता हितों के खिलाफ बताया गया।

