पश्चिम बंगाल में पहली बार सत्ता में आई BJP सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया गया। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यह ₹4.38 लाख करोड़ का है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता लाने, तेजी से विकास करने और डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ‘वेस्ट बंगाल इम्पैक्ट AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मिशन’ शुरू किया है।
शुभेंदु सरकार ने 1 लाख खाली पदों पर भर्ती की घोषणा की साथ ही महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की भी घोषणा की। उन्होंने 36,000 करोड़ रुपये की ‘अन्नपूर्णा योजना’ जैसी बड़ी योजनाओं को लागू करने की बात कही, साथ ही राजनीतिक हिंसा के शिकार लोगों और परिवार का भी ख्याल रखा है।
वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने राज्य की पहली BJP सरकार के पहले पूर्ण बजट में कई अहम घोषणाएँ कीं। रोजगार बढ़ाने से लेकर सरकारी कर्मचारियों के महँगाई भत्ते में बढ़ोतरी, महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण, 1 लाख खाली पदों में भर्ती के साथ- साथ बेरोजगारी भत्ता देने की भी घोषणा की। पूरे बजट में हर तबके का ध्यान रखा गया, किसानों, बुजुर्गों, छात्रों, बेरोजगारों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ-साथ नौकरीपेशा लोगों का भी पूरा ख्याल रखा।
शुभेंदु सरकार के बजट में जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को विशेष सम्मान देते हुए उनकी जयंती (6 जुलाई) को राज्य में सरकारी अवकाश की घोषणा की है। इसके साथ ही उनके पैतृक आवास के जीर्णोद्धार और उनकी 125 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित करने की भी घोषणा की है।
DA में अतिरिक्त 20 फीसदी की बढ़ोतरी
वित्त मंत्री स्वप्र दासगुप्ता ने बजट पेश करते हुए घोषणा की कि राज्य सरकार के कर्मचारियों, अर्ध-सरकारी कर्मचारियों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और पेंशनभोगियों, जिन्हें अभी तक 18 प्रतिशत की दर से महँगाई भत्ता मिलता है, उन्हें अब अतिरिक्त 20 प्रतिशत महँगाई भत्ता मिलेगा यानी कुल महँगाई भत्ता बढ़कर 38 फीसदी हो जाएगा। DA की नई दरें 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगी। इससे लाखों सरकारी कर्मचारियों और रिटायर हो चुके लोगों को सीधा फायदा होगा। कर्मचारी लंबे समय से DA बढ़ाने की माँग कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “MLA फंड को ₹70 लाख से बढ़ाकर ₹1 करोड़ कर दिया गया है। होम गार्ड और NBF कर्मियों के मासिक वेतन में ₹2,000 की बढ़ोतरी की गई है। सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को हर महीने 20 दिन के काम की गारंटी दी जाएगी। अर्ध-सरकारी और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त महँगाई भत्ता मिलेगा। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के साथ-साथ आशा वर्कर्स के मासिक मानदेय में भी ₹5,000 की बढ़ोतरी की गई है।”
‘संग्रामी भत्ता’ के जरिए राजनीतिक हिंसा से पीड़ितों को मदद
बजट में राज्य पुलिस बल के लिए कुल 20000 कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा की गई है। इससे निश्चित रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और साथ ही कानून-व्यवस्था भी मजबूत होगी। एक नए ‘संग्रामी भत्ता’ (संघर्ष करने वालों या पीड़ित लोगों के लिए भत्ता) की भी घोषणा की गई है। सरकार ने साफ कहा है कि यह भत्ता उन लोगों को दिया जाएगा जो राजनीतिक विचारधारा या राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए हैं। योजना का मकसद राजनीतिक हिंसा के पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति समर्थन दिखाना है।
साथ ही, उच्च शिक्षा ले रही अविवाहित छात्राओं को ₹50,000 की एकमुश्त सहायता राशि मिलेगी। मिड-डे मील पकाने वालों का भत्ता ₹1,000 बढ़ाया जाएगा, और प्राइमरी स्कूलों में मिड-डे मील के लिए प्रति छात्र आवंटन को बढ़ाकर ₹10 किया जा रहा है।
1 लाख नौकरी और बेरोजगारी भत्ता का ऐलान
विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा, “21 से 45 साल की उम्र के योग्य, पढ़े-लिखे और बेरोजगार युवाओं को हर महीने भत्ता देने के लिए अक्टूबर 2026 में ‘भरोसा’ योजना शुरू की जाएगी। इस योजना के तहत, ग्रेजुएट युवाओं को ₹3,000 का भत्ता मिलेगा, जबकि दूसरों को ₹2,000 मिलेंगे। यह योजना उन परिवारों के उम्मीदवारों के लिए होगी जिनकी सालाना आय ₹1 लाख से कम है और जो अभी किसी दूसरी सोशल सिक्योरिटी स्कीम का फायदा नहीं उठा रहे हैं।”
इसके अलावा 100 मेधावी छात्रों के लिए ‘स्वामी विवेकानंद मेरिट स्कीम’ का प्रस्ताव भी बजट में है। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही अविवाहित छात्राओं के लिए ₹50,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की गई है।
सरकारी नौकरी की परीक्षा की तैयारी के लिए ₹30,000 की एकमुश्त ग्रांट मिलेगी। ये रकम सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के छात्रों को दी जाएगी। सालों से सरकारी नौकरियों में भर्ती की दिक्कतों को देखते हुए शुभेंदु सरकार ने अधिकतम आयुसीमा में 5 साल की छूट देने की घोषणा की है। बजट में KYC-कंप्लायंट जॉब कार्ड धारकों को 125 दिन का रोजगार देने का प्रस्ताव है और 100 दिन की काम वाली योजना के लिए ₹14,000 करोड़ का आवंटन किया गया है।
AI मिशन पर बंगाल
राज्य के सरकारी विभागों के कामकाज को पूरी तरह से पेपरलेस (कागज-रहित) बनाना और दक्षता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना है। बंगाल के पुलिस विभाग के लिए एक खास AI सेल बनाया जा रहा है, जो पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और जाँच में AI का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेगा। इसके अलावा, राज्य सरकार ‘बंगाल सिलिकॉन वैली’ प्रोजेक्ट के तहत डेटा सेंटर्स और AI से जुड़े उद्योगों के लिए ₹30,000 करोड़ का निवेश करवाने जा रही है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बजट के दौरान राज्य के वित्त मंत्री ने राज्य में नए आईआईटी और एम्स बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल में एक आईआईटी और एक एम्स स्थापित किया जाएगा। कल्याणी के पास एक नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के साथ-साथ एक आईआईएम स्थापित करने का प्रस्ताव भी है।
पश्चिम बंगाल के बजट में ‘बंगाल एआई मिशन’ के तहत भूमि अधिग्रहण और सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। हालाँकि, इसका मुख्य लक्ष्य डिजिटलाइजेशन के अलावा औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना है। निवेश को आकर्षित करने,भूमि अधिग्रहण को सरल बनाने और सिंगल-विंडो सिस्टम के लिए एक नई औद्योगिक नीति लागू की गई है।
1 किलोमीटर के दायरे में शराब की कोई दुकान नहीं होगी
अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों या धार्मिक स्थलों के 1 किलोमीटर के दायरे में शराब की कोई दुकान नहीं होगी। बजट में राज्य सरकार ने यह घोषणा की गई है। मिड-डे मील रसोइयों के लिए ₹1,000 का भत्ता बढ़ाने की घोषणा की गई है। साथ ही पैरा-टीचर्स का मासिक सैलरी ₹5,000 बढ़ाया गया है।
किसान परिवार को मिलेंगे ₹36000 सालाना
बजट में हर किसान परिवार को ₹3,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है यानी सालाना हर परिवार को ₹36000 रुपए मिलेंगे। वित्त मंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के लिए ₹1200 करोड़ की लागत वाले एक मास्टर प्लान की घोषणा की और कहा कि इससे बाढ़ की आशंका वाले इलाके का स्थायी विकास सुनिश्चित किया जाएगा। बजट में बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए मासिक भत्ते में 500 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की गई।
महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएँ
बजट के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करने की शुभेन्दु सरकार ने पहल की है। इस दौरान सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण की घोषणा की गई है यानी 1 लाख सरकारी नौकरी मिलने पर उसमें 33000 महिलाओं को नौकरी मिलेगी।
इसके अलावा अन्नपूर्णा योजना की घोषणा की गई है, जिसके लिए राज्य सरकार ने ₹36,000 करोड़ आवंटित किए हैं। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹3,000 दिए जाएँगे, जो सीधे बैंक खातों में जमा किया जाएगा। बजट में गर्भवती माताओं के लिए ₹21,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है साथ ही उन्हें छह न्यूट्रिशन किट मिलेंगी।
टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया ताकि किसी तरह की सहायता के लिए सीधा संपर्क किया जा सके और मदद पहुँचाने में देरी न हो। इससे प्रशासन को कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने में मदद मिलेगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘दुर्गा स्क्वाड’ शुरू करने की घोषणा की गई है। अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले 16000 नए कॉन्स्टेबल तैनात किए जाएँगे।
पश्चिम बंगाल के बजट (2026) में खनन (माइनिंग) गतिविधियों के लिए सेंट्रलाइज्ड ई-ऑक्शन प्रक्रिया लागू करने और आदिवासी बहुल क्षेत्र झारग्राम में एक नई ‘ट्राइबल यूनिवर्सिटी’ स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे स्थानीय जनजातीय युवाओं को उच्च शिक्षा, रोजगार-उन्मुख पाठ्यक्रम, और रिसर्च की सुविधा मिलेगी।
राज्य में रेत और दूसरे खनिजों की नीलामी में पारदर्शिता लाने और अवैध खनन और सिंडिकेट राज को खत्म करने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। खदानों की डिजिटल मैपिंग और सीसीटीवी कवरेज के माध्यम से अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने का प्रावधान है।


