हरियाणा के अंबाला स्थित धन्यौड़ा गाँव में मंगलवार (30 जून 2026) को खेलते-खेलते बोरवेल में गिरने से चार साल के निर्भय को 21 घंटे बाद रेस्क्यू कर निकाल लिया गया। लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने निर्भय को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि जब वह अस्पताल पहुँचा तो उससे पहले ही बच्चे की साँसे थम चुकी थीं।
मीडिया से बातचीत में मेडिकल ऑफिसर डॉ. ऋषिपाल ने बताया कि कई घंटों की लगातार कोशिशों के बाद जब बच्चे को रेस्क्यू कर अस्पताल लाया गया तब उसकी हालत बहुत गंभीर थी। उन्होंने बताया कि उसे तुरंत इमरजेंसी डिपार्टमेंट में भेजा गया, जहाँ बच्चे का ईसीजी किया तो पता लगा की उसकी मौत हो चुकी थी।
VIDEO | A four-year-old boy, who fell into a 220-foot-deep open borewell in Haryana's Ambala district, was declared dead after he was pulled out following a 21-hour rescue operation.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 1, 2026
Rishi Pal, a doctor, said, "When this child arrived in the emergency room after 21 hours, he… pic.twitter.com/smqD8OhbYo
वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना के संयुक्त ऑपरेशन के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका। इस संबंध में एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट अनिल कुमार ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि बच्चा पानी में डूबा हुआ था और एक और चुनौती बोरवेल की गहराई थी। उन्होंने बताया कि बच्चा बोरवेल की अंदरूनी दीवार से बुरी तरह फँसा हुआ था और उसके शऱीर व बोरवेल की दीवार के बीच कोई जगह नहीं थी, यहाँ तक कि उसके हाथ और दीवार के बीच भी इतनी जगह नहीं थी।
बता दें कि मंगलवार (30 जून 2026) को सुबह करीब 6.30 बजे अंबाला में चार साल का निर्भय अपने चाचा के साथ खेत पर खेल रहा था। खेलते-खेलते उसका पैर फिसला और वो 220 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। उसको निकालने के लिए 21 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई।

