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MP में ‘नई एंबुलेंस’ यार्ड में खा रही हैं धूल, मरीजों को ठेले पर ले जाना पड़ा अस्पताल

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कुछ दूर स्थित भौंरी इलाक़े से एक ख़बर आ रही है जिसके मुताबिक भौंरी के लोग अपने बीमार परिजनों को गोद में और ठेले पर लेकर अस्पताल आने के लिए मजबूर हैं।

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने के बाद से अब तक स्वाइन फ्लू से 226 लोगों की मौत हो चुकी है। राजस्थान के बाद अब दूसरे कॉन्ग्रेसी राज्य मध्य प्रदेश में भी स्वास्थ्य सेवाएँ वेंटिलेटर पर होने की ख़बर सामने आई है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कुछ दूर स्थित भौंरी इलाक़े से एक ख़बर आ रही है जिसके मुताबिक भौंरी के लोग अपने बीमार परिजनों को गोद में और ठेले पर लेकर अस्पताल आने के लिए मजबूर हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कुछ किलोमीटर दूर इस अस्पताल के लिए सरकार ने 6 महीने पहले ही 10 करोड़ 35 लाख में 115 एंबुलेंस ख़रीदी थी। ये सभी एंबुलेंस इस समय यार्ड में धूल खा रही हैं।

कॉन्ग्रेस सरकार की सुस्ती की वजह से इन एंबुलेंस को उपयोग में नहीं लाया जा सका है। यही वजह है कि लोग अपने परिवार के बीमार मरीज को ठेले पर या गोद में लेकर अस्पताल पहुँच रहे हैं।

इस मामले में बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने मीडिया से कहा कि मध्य प्रदेश में जब तक बीजेपी की सरकार रही, सब व्यवस्था सुचारू थी। राज्य को बेहतर स्वास्थ सेवाओं के लिए केंद्र से पुरस्कार भी दिया गया। उन्होंने ये भी कहा कि अब जो एंबुलेंस आईं हैं, वो भाजपा सरकार की ही देन है।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि एंबुलेंस आने के कुछ दिनों बाद आचार संहिता लग गई थी। इसके बाद कांग्रेस की सरकार आई, जो ख़ुद बीमार है। एक तरफ तो मुख्यमंत्री लगातार दौरों में व्यस्त हैं तो दूसरी तरफ किसान कर्ज़े से परेशान हैं। मुझे लगता है इस मामले में संजीदगी की ज़रूरत है, जो राज्य सरकार नहीं दिखा पा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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