महाराष्ट्र के अहिल्यानगर शहर में इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। 7 अगस्त 2026 को मुकुंदनगर के दर्गादायरा कब्रिस्तान के पास नगर निगम के स्ट्रीट लाइट का काम कर रहे धीरज परदेशी पर कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमला कर दिया था। वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। तीन दिन तक अस्पताल में इलाज चला। लेकिन 9 अगस्त को उनकी मौत हो गई। आपको बता दें कि धीरज परदेशी पर भीड़ ने उस समय हमला किया था जब वह बिजली के खंभे और पैनल की मरम्मत का काम कर रहे थे।
शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि धीरज ने माथे पर तिलक लगा रखा था और हाथ में कलावा पहना हुआ था, जिसके चलते मुस्लिमों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें निशाना बनाया। इस वीभत्स घटना के बाद पूरे अहिल्यानगर में जबरदस्त तनाव फैल गया है और शहर पूरी तरह बंद है। हिंदुत्ववादी संगठनों और स्थानीय लोगों में आरोपितों के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
पुलिस के मुताबिक इस मामले में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें युनुस शेख पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। बाद में मेहराज असलम सय्यद, सिराज असलम सय्यद और मुस्तकीम असलम सय्यद को हैदराबाद से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपित संभाजीनगर से ट्रेन के जरिए हैदराबाद भागे थे। स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि सभी मुख्य आरोपितो को पकड़ लिया गया है। मामले की जाँच भिंगार कैंप पुलिस कर रही है। FIR में जाँच अधिकारी के तौर पर पुलिस निरीक्षक तेजश्री विट्ठल थोरात का नाम दर्ज है।
क्या था पूरा मामला और कैसे भड़का शहर में तनाव?
यह पूरी घटना अहिल्यानगर के मुकुंदनगर इलाके की है, जहाँ पिछले कुछ दिनों से तनाव की सुगबुगाहट थी। हिंदू युवक धीरज परदेशी अपनी कंपनी की ओर से नगर निगम के स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस का काम संभाल रहे थे। घटना वाले दिन यानी 7 अगस्त 2026 की शाम को वे अपनी टीम के साथ मुकुंदनगर के दर्गादायरा कब्रिस्तान के पास बिजली सुधारने गए थे। स्थानीय लोगों और संगठनों का आरोप है कि माथे पर तिलक लगाने के कारण उपद्रवियों ने उन्हें घेर लिया था।
भीड़ ने लाठियों, डंडों और लोहे के पाइप से उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। तीन दिनों तक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद रविवार (9 अगस्त) को धीरज की साँसें थम गईं। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरा शहर उबल पड़ा। सकल हिंदू समाज और विभिन्न हिंदुत्ववादी संगठनों ने अस्पताल के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और तुरंत शहर बंद का आह्वान कर दिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि नगर निगम कर्मचारी संघ ने भी अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी और साफ कह दिया कि जब तक मुकुंदनगर इलाके में कर्मचारियों को पूरी सुरक्षा नहीं मिलती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
पुलिस कार्रवाई और जनता का उग्र आक्रोश
हिंदू युवक धीरज परदेशी की मौत के बाद अहिल्यानगर में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। मृतक की पत्नी ने बेहद आक्रमक रुख अपनाते हुए माँग की है कि उनके पति को जिस जगह पर मारा गया है, अंतिम संस्कार भी उसी कब्रस्तान के पास किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि उनके पति कट्टर हिंदू थे, जिसके द्वेष में यह प्रायोजित हत्या की गई है।
Statement from his wife, detailing everything. pic.twitter.com/p8jiOH6Ez6
— Treeni (@treeni) August 9, 2026
विधायक संग्राम जगताप ने भी पुलिस की थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पुलिस इसे मामूली या पुराना विवाद बताकर मामले की दिशा भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना के पीछे कोई बड़ा मास्टरमाइंड है, जिसे पुलिस को जल्द बेनकाब करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों की माँग है कि सभी आरोपितों को फाँसी की सजा दी जाए और उनके घरों पर बुलडोझर चलाया जाए।
आरोपितों के घरों पर अतिक्रमण के नोटिस
धीरज परदेशी की मौत के बाद अहिल्यानगर में गुस्सा बढ़ गया है। इसी बीच हमले के तीन आरोपितों मुस्तकीम ख्वाजामिया सैयद, मेहराज इब्राहिम सैयद और सिराज इब्राहिम सैयद के नगरदेवला स्थित घरों को लेकर ग्राम पंचायत ने अतिक्रमण के नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में इन निर्माणों को कथित तौर पर अनधिकृत बताया गया है। पंचायत ने संबंधित लोगों से निर्माण की अनुमति के दस्तावेज जमा करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर कानून के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नोटिस में महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम, 1959 की धारा 52 और 53 का हवाला दिया गया है। ग्राम पंचायत की संपत्ति संख्या 2374 और 2517 से जुड़े निर्माण को हटाने की कार्रवाई की बात भी नोटिस में कही गई है। संबंधित पक्षों को अपना पक्ष और सबूत रखने का मौका दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। हिंदू युवक धीरज परदेशी की मौत के बाद विधायक संग्राम जगताप और अक्षय करदिले ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बुलडोजर चलाने की माँग की थी।
‘हमला किस तरह हुआ’, FIR में पढ़ें
ऑपइंडिया के पास इस मामले की एफआईआर (FIR) की कॉपी मौजूद है। FIR में दर्ज है कि हमला किस तरह हुआ। शिकायतकर्ता के मुताबिक, करीब 4 बजे धीरज, अक्षय और काव्य दर्गादायरा कब्रिस्तान पहुँचे। अक्षय एक बंगले के ऊपर चढ़कर स्ट्रीट लाइट की वायरिंग देख रहा था। काव्य मेन पैनल को बंद-चालू करने गया था।
करीब 4:10 बजे अक्षय को नीचे से जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसने नीचे देखा तो धीरज पर हमला हो रहा था। FIR में साफ तौर पर चार नाम दर्ज हैं। इनमें मेहराज असलम सय्यद, सिराज असलम सय्यद, मुस्तकीम असलम सय्यद और युनुस शेख शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने इसके अलावा 2 से 3 अज्ञात लोगों की भी बात कही है।
FIR के मुताबिक हमलावरों के हाथ में लकड़ी के बल्ले और लोहे के पाइप थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धीरज को बेरहमी से पीटा जा रहा था। हमलावर कथित तौर पर कह रहे थे, “इसको मार डालो।”
धीरज ने मदद के लिए अक्षय को आवाज लगाते हुए कह रहा था, “अक्षय मुझे बचाओ।” अक्षय ने ऊपर से हमलावरों को रोकने की कोशिश की। उसने अपने हाथ में मौजूद स्ट्रीट लाइट उनकी तरफ फेंकी। काव्य ने भी धीरज को छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद तीनों आरोपित एविएटर मोटरसाइकिल से भाग गए। बाकी लोग पैदल फरार हो गए। यह पूरा घटनाक्रम शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए बयान में दर्ज कराया है।

हमला रुकने के बाद अक्षय नीचे आया। उसने धीरज को देखा। उनके सिर पर गंभीर चोट थी। खून बह रहा था। वह बेहोश पड़े थे। अक्षय ने अपने साथी गौरव बोरुडे को फोन किया। उसने पुलिस को लेकर मौके पर आने के लिए कहा। इसके बाद उसने सुपरवाइजर अक्षय बोरुडे को भी घटना की जानकारी दी।
अक्षय और काव्य ने धीरज को उठाकर कंपनी के टेम्पो में रखा। उन्हें पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उनकी हालत देखते हुए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें मैकेयर अस्पताल ले जाया गया। वहाँ इलाज शुरू हुआ। धीरज ने तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष किया। 9 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रशासन ने शांति की अपील की
धीरज की मौत के बाद शहर में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। मामले की जाँच तेजी से चल रही है। पुलिस ने कहा है कि घटना के पीछे की असली वजह सामने लाई जाएगी।
पुलिस ने लोगों को अफवाहों से बचने की भी चेतावनी दी है। कानून हाथ में लेने की कोशिश करने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई है। धीरज के शव को पोस्टमार्टम के लिए छत्रपति संभाजीनगर के घाटी अस्पताल भेजा गया है।


