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जीवन का सबसे बुरा समय था: शेफ अतुल कोचर ने बताया कि कैसे इस्लामी-वामपंथियों ने उनका जीवन नर्क बना दिया

न सिर्फ अतुल कोचर को ही वामपंथियों के ऑनलाइन बैकलेश का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके दो स्कूल जाते बच्चे भी इसके शिकार हुए। उन्हें भी इस दौरान काफी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद अतुल कोचर ने कुछ दिनों के लिए अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।

अक्सर वामपंथी लिबरल्स, ‘दक्षिणपंथी ट्रोल्स’ द्वारा ‘ऑनलाइन उत्पीड़न’ का शिकार होने की शिकायत करते रहते हैं, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है और सच्चाई यह है कि वामपंथी-लिबरल्स गिरोह उन लोगों के जीवन और करियर को बर्बाद करने का दमखम रखता है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपना विचार रखते हैं। ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने हैं। हमने वामपंथी-लिबरलों द्वारा बुद्धिजीवियों और पत्रकारों को एक साधारण सोशल मीडिया पोस्ट के लिए निकाल दिए जाने के कई उदाहरण देखे हैं। इस लिस्ट में एक नया नाम जुड़ा है और वो नाम है- भारतीय मूल के सेलिब्रिटी शेफ अतुल कोचर का।

बता दें कि शेफ अतुल कोचर को जून 2018 में दुबई के JW Marriott Marqui होटल से बर्खास्त कर दिया गया था। दरअसल इस्लामियों और वामपंथी लिबरलों ने एक ट्वीट के लिए उन्हें निशाना बनाया था। हालाँकि कोचर ने बिना शर्त माफी भी जारी कर दी थी, लेकिन इस्लाम परस्तों की तृप्ति के लिए यह पर्याप्त नहीं था। जब दुबई के होटल ने अतुल कोचर के साथ कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर लिया तब जाकर वामपंथियों के कलेजे को ठंडक मिली।

शेफ अतुल कोचर का ट्वीट

शेफ अतुल कोचर को बर्खास्त किए जाने के बाद वामपंथियों का काम खत्म हो गया। वो इसे भूलकर अपने अगले टारगेट के लिए निकल पड़े, लेकिन यह घटना कोचर के लिए काफी मुश्किल भरा समय रहा। पिछले साल अगस्त में प्रकाशित एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें और उनके परिवार को उनके एक ट्वीट की वजह से मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ा था।

अतुल कोचर को इस्लामी-वामपंथियों ने कुछ विवादास्पद कहने के लिए नहीं, बल्कि एक चिर-परिचित सच्चाई बताने के लिए निशाना बनाया। दरअसल अतुल कोचर ने अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के एक ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा था, “यह देखकर दुख होता है कि आपने उन हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान नहीं किया है जो 2000 वर्षों से इस्लाम से आतंकित हैं। शेम ऑन यू।”

प्रियंका चोपड़ा द्वारा अपने हॉलीवुड टीवी शो क्वांटिको के एक एपिसोड के खिलाफ किए गए हमले के बाद माफी माँगने के एक ट्वीट के जवाब में यह ट्वीट किया था। प्रियंका के शो में दिखाया गया था कि भारतीय राष्ट्रवादियों ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को पकड़ने के लिए मैनहट्टन में परमाणु हमला किया था। इसके बाद से प्रियंका चोपड़ा को निशाना बनाया गया था। शो में दिखाए गए इस फिक्शनल प्लॉट ने कई भारतीयों को नाराज किया, क्योंकि यह सच्चाई से कोसों दूर था और अतुल कोचर भी उन भारतीयों में से एक था जिन्होंने इस पर नाखुशी जाहिर की थी।

बता दें कि न सिर्फ अतुल कोचर को ही वामपंथियों के ऑनलाइन बैकलेश का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके दो स्कूल जाते बच्चे भी इसके शिकार हुए। उन्हें भी इस दौरान काफी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। जिसके बाद अतुल कोचर ने कुछ दिनों के लिए अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। उन्होंने बताया कि उनकी इस परिस्थिति का लाभ उनके बिजनेस प्रतिद्वंदियों ने भी उठाया, जो कि उन्हें बिजनेस से निकालना चाहते थे। वो लोग भी उनके खिलाफ गिरोह में शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह मेरे जीवन का सबसे बुरा समय था।”

अतुल कोचर ने कहा कि वह इस घटना के बाद डिप्रेशन में चले गए थे। जिससे उबरने के लिए वह और उनका परिवार कुछ समय के लिए भारत वापस आए थे। अपने इंटरव्यू के दौरान अतुल ने इस बात पर जोर डाला कि उनका ट्वीट एक मूर्खतापूर्ण गलती थी, और वास्तव में इसका मतलब वह नहीं था। 

वह यह भी कहते हैं कि उस कठिन समय के दौरान उनके मुस्लिम दोस्त उनका सबसे अधिक सपोर्ट करते थे। उन्होंने कहा कि लखनऊ के पास शाहजहाँपुर में पला-बढ़ा होने के कारण उनके कई मुस्लिम मित्र थे। साथ ही उन्होंने कहा कि अपने प्रोफेशनल करियर के दौरान उन्होंने कई अनाथ बच्चों को आर्थिक मदद देकर उनकी शिक्षा पूरी करवाई और वो सभी बच्चे मुस्लिम थे।

इस तरह के धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति होने के बावजूद, अतुल कोचर को इस्लामी-वामपंथी गिरोह ने शिकार बनाया। उन्हें सच बोलने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ी, हालाँकि वह जोर देकर कहते हैं कि यह एक मूर्खतापूर्ण गलती थी और उन्हें उस संदेश को ट्वीट नहीं करना चाहिए था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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