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जहाँ जाना है जाओ, लेकिन सड़क खाली करो: शाहीन बाग में CAA-विरोधियों के खिलाफ प्रदर्शन

“मैं गाँव का रहने वाला हूँ। मैं जब मदद करता हूँ तो मर्दानगी से करता हूँ। मैंने तो शाहीन बाग वालों की भी मदद कर रखी है। शाहीन बाग बाले मुझे रोज फोन करते हैं।”

दिल्ली के शाहीन बाग में CAA के विरोध में कई हफ्तों से धरना-प्रदर्शन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों के बीच सड़क पर बैठने से यह रास्‍ता कई दिनों से बंद है। अब इस धरने के खिलाफ स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों की माँग है कि शाहीन बाग का रास्ता खोला जाए। शाहीन बाग के विरोध में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी है। मौके पर डीसीपी चिन्मय बिस्वास खुद मौजूद हैं।

बैरिकेड्स के एक तरफ CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले जमा हैं तो दूसरी तरफ शाहीन बाग धरना का विरोध करने वाले आकर डट गए हैं। इन लोगों का कहना है कि हमें प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सड़क खाली होनी चाहिए। चाहे तो ये लोग रामलीला मैदान, जंतर-मंतर या कहीं और प्रदर्शन करें। इन लोगों की माँग है कि धरना जल्दी से जल्दी खत्म कर सड़क खुलवाई जाए। हालाँकि लोगों की भारी भीड़ से आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डीसीपी चिन्मय बिस्वाल ने कहा कि इन्हें प्रदर्शन स्थल पर जाने से मना कर दिया था। इसके बावजूद भी कुछ लोग घटना स्थल पर पहुँच गए। फिलहाल हालात न बिगड़े, इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि शाहीन बाग में महिलाएँ और बच्चे पिछले 50 दिन से ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं। वो शिफ्ट बदल-बदल कर 24*7 यहाँ धरने पर बैठे रहते हैं। उनकी माँग है कि केंद्र सरकार CAA को वापस ले। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों से आम जनता की परेशानियों को समझते हुए धरना खत्म कर लेने की माँग कर रही है।

हाल ही में शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने कई इश्तेहार जारी किया है, जिसमें 2 फरवरी को प्रदर्शन के 50 दिन पूरे होने के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों से जमा होने को कहा गया है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि पिछले 50 दिनों में उनके ‘लोकतान्त्रिक और शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन के दौरान उन्हें डराने-धमकाने और ख़तरे में डालने की कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन लोगों के ख़िलाफ़ गलतबयानी करते हुए घृणा फैलाई जा रही है। इन सबके लिए शाहीन बाग के उपद्रवियों ने भाजपा और हिन्दू सेना को जिम्मेदार ठहराया है।

वहीं एक सभा के दौरान कॉन्ग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने खुद कबूला था कि शाहीन बाग के ‘प्रदर्शनकारियों’ को उनका समर्थन हासिल है। शर्मा ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, “मैं गाँव का रहने वाला हूँ। मैं जब मदद करता हूँ तो मर्दानगी से करता हूँ। मैंने तो शाहीन बाग वालों की भी मदद कर रखी है। शाहीन बाग बाले मुझे रोज फोन करते हैं।” इससे पहले AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया पर प्रदर्शनकारियों के समर्थन की बात सामने आई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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