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हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा वापस ली जा सकती है, पुलवामा हमले के बाद सरकार ने किया बड़ा फैसला

राजनाथ सिंह के साथ बैठक में राज्यपाल, होम सेक्रेट्री, चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी जम्मू कश्मीर, आर्मी कमांडर और डीजी सीआरपीएफ के साथ कुछ आला अधिकारी भी मौजूद थे।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में कायरतापूर्ण आतंकी हमले के बाद सरकार ने बड़ा फैसले लेते हुए हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा वापस लेने की बात कही है। दरअसल, इस दर्दनाक आतंकी हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बयान दिया था कि घाटी में कुछ लोग नापाक ताकतों के साथ खड़े हैं। यही नहीं घाटी में पाकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेने वाले लोग भी मौजूद हैं। उन्होंने शाम में कहा था कि सेना को हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया गया है। इस बयान के कुछ समय बाद ही सरकार द्वारा हुर्रियत नेताओं की सुरक्षा वापस लेने की बात कही जा रही है।

राजनाथ सिंह के इस बयान से साफ हो गया था कि पाकिस्तानी पैसा पर पलने वाले हुर्रियत नेताओं के ख़िलाफ़ सरकार जल्द कोई बड़ा फैसला लेने वाली है। सरकार ने अपने इस फ़ैसले से देश में पल रहे आतंकी और देशद्रोही को कड़ा संदेश दिया है।

राजनाथ सिंह के साथ बैठक में राज्यपाल, होम सेक्रेट्री, चीफ सेक्रेट्री, डीजीपी जम्मू कश्मीर, आर्मी कमांडर और डीजी सीआरपीएफ के साथ कुछ आला अधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक में सेना को जरूरी निर्देश दे दिए गए हैं। सुरक्षाबलों का हौसला बुलंद करके आतंक के खिलाफ कार्रवाई करने की बात राजनाथ सिंह ने कही है। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस लड़ाई में पूरा देश सेना और सरकार के साथ खड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘जम्मू कश्मीर की आवाम को मैं यकीन दिलाना चाहता हूं कि सीमा पार से आतंक फैलाने वालों के मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे। मुझे खुशी है कि जम्मू कश्मीर की जनता हमारे साथ खड़ी है। कुछ ऐसे एलिमेंट हैं जो सीमा पार की ताकतों, आतंकी संगठन और आईएसआई के साथ उनकी मिली भगत है. यह लोग आतंकवाद की गहरी साजिश में भी शामिल हैं। आतंक फैलाने वाले यह लोग जम्मू कश्मीर की जनता और जवानों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।

गृह मंत्री कश्मीर में मौजूद अलगाववादियों पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि, ‘पाकिस्तान और आईएसआई से पैसा लेने वाली ताकतें भी यहां मौजूद हैं। मैंने सेना के अधिकारियों से कहा है कि ऐसे लोग जो पाकिस्तान से पैसा लेते हैं, आईएसआई के साथ जिन लोगों की मिली भगत है, उनकी सुरक्षा पर विचार करना चाहिए। देश की जनता से भी अपील करना चाहता हूं कि इस समय कई ऐसी ताकतें हैं जो देश में सांप्रदायिक सौहार्द को भी तोड़ने की कोशिश करेंगी।

उन्होंने कहा कि आज की बैठक में यह निर्णय हुआ है कि जिस समय सेना का काफिला चलेगा उस समय स्थानीय लोगों की आवाजाही को रोका जाएगा। इससे होने वाली असुविधा के लिए मैं क्षमा चाहता हूँ।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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