Homeदेश-समाजहमने नहीं जारी किया कोई Video : एडिटेड वीडियो पर जामिया प्रशासन

हमने नहीं जारी किया कोई Video : एडिटेड वीडियो पर जामिया प्रशासन

जब पूरा वीडियो सामने आया तो पूरी तरह से अलग तस्वीर उभरकर सामने आई। इससे पता चला कि उपद्रवी नकाबपोश पहले लाइब्रेरी में घुसे, उसके बाद पुलिस उन्हें खदेड़ते हुए आई। पुलिस ने यूँ ही किसी पर कार्रवाई नहीं की। उपद्रवियों को चिह्नित कर एक्शन लिया।

जामिया यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने उस एडिटेड वीडियो से खुद को अलग कर लिया है जिसमें पुलिस लाइब्रेरी में घुसकर छात्रों को पीटती नजर आई थी। टाइम्स नाउ की खबर के अनुसार आज तड़के जामिया कोआर्डिनेशन कमेटी की तरफ से ट्वीट किए गए वीडियो से यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किनारा कर लिया है। जामिया यूनिवर्सिटी ने एक स्टेटमेंट जारी कर कहा है कि उसने यह वीडियो जारी नहीं किया है।

जामिया मिलिया के पीआरओ अहमद अजीम ने कहा है कि फुटेज में दिख रहे छात्र एमफिल और पीएचडी के लग रहे हैं। हमें भी पता चला है कि यह वीडियो जामिया कोआर्डिनेशन कमिटी की ओर से जारी किया गया है। पुलिस इसकी जॉंच कर रही है। वीडियो के साथ छेड़छाड़ को लेकर प्रशासन ने कोई टिप्पणी नहीं की है।

गौरतलब है कि एडिटेड वीडियो को गिरोह विशेष ने वायरल किया। तथाकथित लिबरल पत्रकारों ने इस वीडियो के सहारे न सिर्फ़ दिल्ली पुलिस को क्रूर और अत्याचारी साबित करने का झूठा प्रयास किया, बल्कि जामिया नगर के दंगाइयों को भी पाक-साफ़ बताने की कोशिश की। बता दें कि बीते जनवरी में जामिया में भड़की हिंसा में सैकड़ों वाहनों को फूँक डाला गया था, जिनमें सरकारी बसें भी शामिल थीं। इसके बाद पुलिस को यूनिवर्सिटी के अंदर घुस कर सीएए विरोध के नाम पर दंगा कर रहे उपद्रवियों को खदेड़ना पड़ा था।

हालॉंकि जब पूरा वीडियो सामने आया तो पूरी तरह से अलग तस्वीर उभरकर सामने आई। इससे पता चला कि उपद्रवी नकाबपोश पहले लाइब्रेरी में घुसे, उसके बाद पुलिस उन्हें खदेड़ते हुए आई। पुलिस ने यूँ ही किसी पर कार्रवाई नहीं की। उपद्रवियों को चिह्नित कर एक्शन लिया। इस वीडियो में लाइब्रेरी के दरवाजे पर एक व्यक्ति खड़ा नजर आया जो भाग कर आ रहे नकाबपोशों को अंदर घुसा रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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