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असली नाम: रुखसाना और तस्लीमा, नकली नाम: रीना और तान्या, हिंदू बन फर्जीवाड़ा कर रहे रोहिंग्या

आशंका जताई जा रही है कि फर्जी पासपोर्ट के तार किसी बड़े रैकेट से तो जुड़े हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार घुसपैठिए दलालों के माध्यम से हिन्दू नाम पर फर्जी पासपोर्ट का जुगाड़ कर लेते हैं। ऐसा पहली नजर में संदेह से बचने के लिए किया जाता है।

रोहिंग्या समुदाय देश की सुरक्षा के लिए कितने खतरनाक है, इसके कई वाकए सामने आ चुके हैं। अब दो ऐसी रोहिंग्या महिलाएँ पकड़ी गई हैं, जो हिंदू नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने की फिराक में थीं। इन्हें कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा गया। इससे पहले यूपी के कानपुर में रुपयों के बदले नकली डॉलर देकर व्यापारी को ठगने वाले बांग्लादेश से आए रोहिंग्या गिरोह के सरगना अलामीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दो रोहिंग्या मुस्लिम महिलाओं को फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया। सूत्रों के अनुसार दोनों कुछ महीने पहले बांग्लादेश से भारत आईं थी। इनका नाम रुखसाना अख्तर और तस्लीमा है। हिन्दू नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवा दोनों विदेश भागने की फिराक में थीं।

लेकिन, इमिग्रेशन विभाग के अधिकारियों ने रविवार की रात कोलकाता से बैंकॉक जाने वाली फ्लाइट में सवार होने से पहले ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार रविवार की रात लगभग 12.50 बजे कोलकाता से बैंकॉक जाने वाली थाई एयरवेज की फ्लाइट की दो महिला यात्रियों पर इमीग्रेशन विभाग को संदेह हुआ। उनके पासपोर्ट की जाँच की गई तो पता चला कि एक का नाम रीना साहा और दूसरे का तान्या बिस्वास है। उनके कागजों की सावधानीपूर्वक दुबारा जाँच करने पर पता चला कि पासपोर्ट फर्जी हैं।

खुद को तान्या बताने वाली का असली नाम तस्लीमा और रीना नाम से यात्रा करने की कोशिश करनेवाली महिला का असली नाम रुखसाना अख्तर है। दोनों म्यांमार के तंगसुरिया की निवासी हैं। पूछताछ के बाद इमीग्रेशन विभाग ने दोनों को एनएससीबीआइ थाने  की पुलिस के हवाले कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों महिलाओं के पासपोर्ट पर भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे उत्तर 24 परगना जिले का पता है। भारतीय पासपोर्ट इन्होंने किस प्रकार बनवाया? किसकी मदद से उन्होंने फर्जी पासपोर्ट तैयार किया? उनके साथ और भी रोहिंग्या हैं? इन सवालों के जवाब दोनों से पूछताछ के बाद मिलने की उम्मीद है।

आशंका जताई जा रही है कि फर्जी पासपोर्ट के तार किसी बड़े रैकेट से तो जुड़े हो सकते हैं। इंटेलीजेंस सूत्रों के अनुसार उन्हें कुछ दिन पहले बांग्लादेश से लगभग 30 रोहिंग्याओं के एक समूह के उत्तर 24 परगना स्थित घोजाडांगा सीमा के जरिए प्रवेश करने की सूचना मिली थी। यदि दोनों महिलाएँ उसी समूह से हैं तो अन्य 28 कहाँ गए? यह सवाल खुफिया विभाग के लिए सिरदर्द बना हुआ है। सूत्रों के अनुसार घुसपैठिए दलालों के माध्यम से हिन्दू नाम पर फर्जी पासपोर्ट का जुगाड़ कर लेते हैं। ऐसा पहली नजर में संदेह से बचने के लिए किया जाता है।बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट से गिरफ्तार दोनों महिलाओं की योजना इंडोनेशिया जाने की थी। इनमें से एक का पति इंडोनेशिया में ही काम करता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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