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कोरोना वायरस: विदेश से लौटे बेटे की छुपाई पहचान, रेलवे ने महिला अधिकारी को किया सस्पेंड, कई अन्य के संक्रमित होने का डर

रेलवे के एक अधिकारी ने महिला अधिकारी के बेटे के इटली से आने की जानकारी छुपाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिवार को बचाने के लिए अपने बेटे को छुपाया लेकिन उन्होंने हम सबका जीवन खतरे में डाल दिया।

देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोनावायरस के नए मामले सामने आने के बाद भारत में इससे संक्रमित लोगों की संख्या शुक्रवार (मार्च 20, 2020) को 200 के पार हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार इनमें 32 विदेशी नागरिक शामिल हैं। देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या पाँच हो गई है। इसके अलावा 20 लोग वे हैं, जो ठीक हो गए हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। 

लेकिन, इस बीच कुछ लोग कोरोना वायरस को लेकर कुछ ऐसा कर रहे हैं जो दूसरे को संकट में डाल सकता है। कर्नाटक में एक रेलवे कर्मचारी पर इसी को लेकर कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है, जिसने विदेश से लौटे अपने बेटे की पहचान छुपाई थी। बेंगलुरू की रहने वाली एक महिला रेलवे कर्मचारी का बेटा हाल ही में इटली से लौटा था। लेकिन कर्मचारी ने बेटे को निगरानी में नहीं रखा और उसके बारे में किसी को सूचित भी नहीं किया। लेकिन जब बुधवार (18 मार्च, 2020) को उसका टेस्ट किया गया तो वो कोरोना वायरस का संक्रमित पाया गया।

अधिकारियों को उसके बारे में जानकारी मिलने के बाद महिला अधिकारी के बेटे को आइसोलेशन में रखा गया है। रेलवे के प्रवक्ता ई विजया ने शुक्रवार को बताया कि महिला अधिकारी ने प्राधिकारियों को अपने बेटे के इटली से लौटने की जानकारी नहीं दी और मुख्य बंगलूरू स्टेशन के निकट रेलवे के एक अतिथिगृह में उसे रख कर अन्य लोगों के जीवन को भी खतरे में डाला। विजया ने बताया कि सहायक कार्मिक अधिकारी (यातायात) को निलंबित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि 25 वर्षीय युवक स्पेन से होते हुए जर्मनी से आया था और उसे 13 मार्च को बंगलूरू में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पहुँचने पर घर में अलग रहने को कहा गया था। वह 18 मार्च को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया। वहीं रेलवे के एक अधिकारी ने महिला अधिकारी के बेटे के इटली से आने की जानकारी छुपाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिवार को बचाने के लिए अपने बेटे को छुपाया लेकिन उन्होंने हम सबका जीवन खतरे में डाल दिया।

बताया जा रहा है कि महिला अधिकारी ने चुपके से अपने बेटे को केएसआर रेलवे स्टेशन पर मौजूद ऑफिसर्स रेस्ट हाउस में 13 मार्च को ठहरने की व्यवस्था कराई थी। जानकारी के मुताबिक महिला अधिकारी का बेटा बंगलूरू में एक स्टार्टअप चलाता है। उसकी तबीयत बिगड़ने पर एंबुलेंस को बुलाया गया और उसे मंगलवार (मार्च 17, 2020) रात को अस्पताल ले जाया गया। बुधवार को राजीव गाँधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिसीज में उसका परीक्षण हुआ जो पॉजिटिव मिला। मामला सामने आने के बाद रेलवे ने रेस्ट हाउस को बंद करने का फैसला लिया है।

बता दें कि देश के कई राज्यों ने ये नियम लागू किया है कि जो भी व्यक्ति कोरोना वायरस को लेकर अपनी पहचान छुपाएगा तो उस पर केस दर्ज किया जाएगा, कर्नाटक में भी ये नियम लागू किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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