Homeविविध विषयअन्ययोगी आदित्यनाथ के पिता का निधन, AIIMS में ली आखिरी साँस: खबर मिलने के...

योगी आदित्यनाथ के पिता का निधन, AIIMS में ली आखिरी साँस: खबर मिलने के बाद भी CM ने जारी रखी मीटिंग

योगी आदित्यनाथ के पिता उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंजर थे। वह 1991 में रिटायर हो गए थे। रिटायरमेंट के बाद से ही वह अपने गाँव में आकर रहने लगे थे। डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिस कारण उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता का आज (अप्रैल 20, 2020) निधन हो गया। 89 साल की उम्र में सीएम योगी के पिता आनंद सिंह बिष्ट ने एम्स में इलाज के दौरान आज सुबह सोमवार को 10 बजकर 40 मिनट पर आखिरी साँस ली। जानकारी के मुताबिक, उन्हें किडनी और लीवर की समस्या के कारण बीते 13 मार्च को एम्स (AIIMS) में लाया गया था, जहाँ वरिष्ठ डाक्टरों की टीम इलाज में लगी हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिता के निधन की सूचना योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा दी गई है। बताया जा रहा है जब यह खबर सीएम योगी को दी गई, तब वह कोरोना संकट पर बनी टीम-11 की मीटिंग कर रहे थे। जिसे उन्होंने खबर मिलने के बाद भी नहीं रोका।

पिता के निधन की खबर के बीच में भी CM योगी आदित्यनाथ को प्रदेश लौटे बच्चों की चिंता UP News
साभार: दैनिक जागरण

बैठक में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोटा से उत्तर प्रदेश लौटे सभी बच्चों का होम क्वारंटाइन कराना सुनिश्चित कराएँ। इसके साथ ही सभी बच्चों के मोबाइल में आरोग्य सेतु डाउनलोड कराने के बाद उनको घर भेजा जाए।

बता दें कि यूपी सीएम के पिता उत्तराखंड में फॉरेस्ट रेंजर थे। वह 1991 में रिटायर हो गए थे। रिटायरमेंट के बाद से ही वह अपने गाँव में आकर रहने लगे थे। डॉक्टरों ने बताया कि उनके शरीर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिस कारण उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।

डॉ. अकरम ने बताया कि आंनद सिंह बिष्ट को मुख्य रूप से पेट की तकलीफ के चलते भर्ती किया गया था। इसके अलावा डिहाइड्रेशन, लो-बीपी और पैरों में गैंगरीन की समस्या थी। अस्पताल में भर्ती करने के बाद उनकी स्वास्थ्य संबंधी जाँच कराई गई। रिपोर्ट के आधार उनका उपचार किया जा रहा था।

उल्लेखनीय है कि बीते महीने ज्यादा तबीयत खराब होने के बाद योगी आदित्यनाथ के पिता को दिल्ली के एम्स लाया गया था, यहाँ उन्हें एम्स के एबी वॉर्ड में रखा गया था, जहाँ उनका इलाज गेस्ट्रो विभाग के डॉक्टर विनीत आहूजा की टीम कर रही थी।

मगर, रविवार को उनकी अचानक तबीयत फिर से खराब हो गई। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें जवाब दे दिया। रविवार को गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा उनके हालचाल लेने गए थे और उन्हें घर लेकर जाने का विचार बन रहा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -