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बांग्लादेश: गाजीपुर के काली मंदिर पर रात में हमला, देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा गया, उनके सिर जमीन पर पड़े मिले

"गुरुवार को भी उन लोगों ने मंदिर को खाली कराने की कोशिश की थी। हालाँकि, कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के कारण वे ऐसा नहीं कर पाएँ। उसी घटना की वजह से, उन्होंने रात में मंदिर में तोड़फोड़ की।”

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, गाजीपुर, ढाका, बांग्लादेश के दक्खिन सलाना इलाके में स्थित काली मंदिर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को शुक्रवार (11 सितंबर, 2020) को खंडित कर दिया गया। उन्हें तोड़ दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस नफ़रत पूर्ण कृत्य पर गाजीपुर सदर पुलिस स्टेशन के ओसी आलमगीर हुसैन भुइयाँ ने बताया कि अज्ञात बदमाशों ने रात के समय मंदिर में घुसकर चार हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित कर दिया। जिसके अगले दिन हिंदू उपासकों को मूर्तियों के सिर जमीन पर पड़े मिले। पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच शुरू कर दी गई है लेकिन अब तक किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उच्च अधिकारियों ने अपराध स्थल का दौरा भी किया था।

मानवाधिकार कार्यकर्ता प्रदीप चंद्रा ने ट्विटर पर खंडित मूर्तियों की तस्वीरें पोस्ट कीं। उन्होंने लिखा, “गाजीपुर ढाका बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर पर हमला और सभी देवी देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़।”

मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नरेश राय के अनुसार, कई ‘प्रभावशाली स्थानीय लोग’ मंदिर की जमीन को हड़पने के लिए घाट लगाए बैठे हैं। उन्होंने कहा, “गुरुवार को भी उन लोगों ने मंदिर को खाली कराने की कोशिश की थी। हालाँकि, कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के कारण वे ऐसा नहीं कर पाएँ। उसी घटना की वजह से, उन्होंने रात में मंदिर में तोड़फोड़ की।”

पूजा उदजपं परिषद (गाजीपुर) द्वारा इस घटना की निंदा की गई। साथ ही मंदिर पर हमला करने में शामिल दोषियों की गिरफ्तारी की माँग की गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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