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कॉन्ग्रेस प्रवक्ता ने शिवसेना में शामिल होकर दिखा दिया कि ‘रिश्तों के भी रूप बदलते हैं’

राजनीति में, न कोई स्थायी दुश्मन हैं और न कोई स्थायी दोस्त। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर कटाक्ष करने के कुछ ही दिन बाद आज प्रियंका चतुर्वेदी ने शिव सेना के साथ हाथ मिलाने के लिए कॉन्ग्रेस के डूबते जहाज को छोड़ दिया है।

एक सप्ताह पहले की ही बात है। तब तत्कालीन कॉन्ग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी के लोकप्रिय शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के एक गाने को तोड़-फोड़ कर पैरोडी जैसा कुछ बनाते हुए गाया था, ‘रिश्तों के रूप बदलते हैं…’

कहते हैं कि राजनीति में, न कोई स्थायी दुश्मन है और न कोई स्थायी दोस्त। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर कटाक्ष करने के कुछ ही दिन बाद आज प्रियंका चतुर्वेदी ने शिव सेना के साथ हाथ मिलाने के लिए कॉन्ग्रेस के डूबते जहाज को छोड़ दिया है। शिवसेना, भाजपा की ही सहयोगी पार्टी है और प्रियंका की पूर्व पार्टी कॉन्ग्रेस के विरोधी भी।

चतुर्वेदी ने आज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की और एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन किया, जहाँ उन्होंने पार्टी में उनका स्वागत किया।

मीडिया को संबोधित करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें पता है कि वह अपने विचारों के लिए जवाबदेह होंगी। जब वह कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता थीं, तब उन्होंने भाजपा के साथ-साथ शिवसेना के खिलाफ अपमानजनक बातें की थीं, लेकिन यह शिवसेना में शामिल होने से पहले बहुत पहले की बात है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने ठाकरे को ‘परिवार’ में उनका स्वागत करने के लिए धन्यवाद दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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