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BJP रैली में जा रही बस पर हमला, 15 घायल: बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के बाद अब उनके छोटे भाई पर कार्रवाई

नंदीग्राम पहुँचने से 1 किलोमीटर पहले ही सोनाचुरा गाँव से आ रहे शुभेंदु अधिकारी के समर्थकों की बस पर हमला हुआ। 15 BJP कार्यकर्ता अस्पताल में। TMC के गुंडों ने...

पश्चिम बंगाल के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा (BJP) में शामिल होने के बाद नंदीग्राम में अपनी पहली रैली की, लेकिन इसमें जम कर हिंसा हुई। रैली में हिंसा का आरोप TMC के गुंडों पर लगा है। नंदीग्राम पहुँचने से 1 किलोमीटर पहले ही सोनाचुरा गाँव से आ रहे शुभेंदु अधिकारी के समर्थकों की बस पर हमला किया गया। पूर्व मंत्री ने इस हमले के बीच ‘जिहादियों’ का हाथ बताया और कहा कि इसके परिणाम ठीक नहीं होंगे।

जबकि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने जहाँ इस घटना पर चुप्पी बनाई रखी, वहीं पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे शुभेंदु समर्थकों और विरोधियों की आपस की लड़ाई करार दिया। बस क्षतिग्रस्त हो गई है और उसमें सवार 15 भाजपा कार्यकता बुरी तरह घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में चाल रहा है। इस दौरान शुभेन्दु अधिकारी ने गरजते हुए कहा कि वो 2011 के पहले से ही जन आंदोलनों में शामिल रहे हैं और CPM के दंगाइयों से निपटे हैं।

उन्होंने कहा कि उनके पास उन जिहादियों के लिए एक संदेश है, जिन्होंने भाजपा समर्थकों की बस पर हमला किया है – “मैं इस तरह के हमलों को बर्दाश्त नहीं करूँगा।” ये हमला मंगलवार (दिसम्बर 29, 2020) को दोपहर 11:30 में हुआ। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने नंदीग्राम पुलिस थाने के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। शुभेन्दु अधिकारी ने दोषियों की तुरंत गिरफ़्तारी की माँग करते हुए कहा कि ऐसा न होने पर वो आंदोलन करेंगे।

उन्होंने अपनी अगली रैली जनवरी 8, 2021 को तय की है। उन्होंने कहा कि जो यहाँ रैली करने की बातें करते थे, वो अचानक से गायब हो गए हैं लेकिन वो अपनी अगली रैली को संबोधित करेंगे तो उसमें 1 लाख लोग उपस्थित रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को रंगदार करार दिया। नंदीग्राम में ममता बनर्जी की 7 जनवरी की रैली कैंसल हो गई है। कहा जा रहा है कि कार्यक्रम के संयोजक विधायक अखिल गिरी के कोरोना पॉज़िटिव होने के कारण ये निर्णय लिया गया।

वहीं अब तृणमूल कॉन्ग्रेस ने शुभेंदु अधिकारी के भाई सौम्येन्दु पर कार्रवाई की है। उनके छोटे भाई सौम्येन्दु को काँठी म्युनिसिपेलिटी के प्रशासन के पद से हटा दिया गया। सौम्येन्दु ने बताया कि उन्हें इसकी सूचना भी नहीं दी गई। वो शाम 6 बजे तक दफ्तर में थे और घर लौटने पर उन्होंने टीवी पर देखा कि उन्हें हटा दिया गया है। TMC नेताओं का आरोप है कि वो भाजपा के लिए काम कर रहे थे। शुभेंदु के बड़े भाई और पिता भी TMC सांसद हैं।

बता दें कि वर्ष 2008 से ही प्रत्येक वर्ष 7 जनवरी के दिन नंदीग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है और ग्रामवासी उन्हें याद कर शोक मनाते हैं। इस अवसर पर प्रत्येक वर्ष शुभेंदु अधिकारी भी वहाँ मौजूद रहते हैं। वर्ष 2007 में 7 जनवरी को भरत, शेख सलीम और विश्वजीत इस आंदोलन में शहीद हो गए थे। नंदीग्राम में एक रासायनिक केंद्र स्थापित करने के लिए एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) के लिए भूमि अधिग्रहण करने के वामपंथी सरकार के कदम के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों में पुलिस की गोलीबारी में कम से कम 11 लोग मारे गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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