Homeदेश-समाजकेरल में 9वीं कक्षा की छात्रा को ड्रग एडिक्ट बनाकर होता रहा गैंगरेप: मो...

केरल में 9वीं कक्षा की छात्रा को ड्रग एडिक्ट बनाकर होता रहा गैंगरेप: मो अफ्ला और रफीक गिरफ्तार

इस केस के साथ ही पुलिस ने ड्रग व सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसी रैकेट के 7 सदस्य पिछले कुछ माह से पीड़िता को ड्रग देकर उसका रेप करते थे। इन लोगों से पीड़िता इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में आई थी।

केरल के मल्लापुरम में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 साल की लड़की को ड्रग देकर उसके साथ गैंगरेप करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों एक ड्रग सिंडिकेट के सदस्य हैं। इनकी पहचान मोहम्मद अफ्ला और मोहम्मद रफीक के तौर पर हुई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस केस के साथ ही पुलिस ने ड्रग व सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसी रैकेट के 7 सदस्य पिछले कुछ माह से पीड़िता को ड्रग देकर उसका रेप करते थे। इन लोगों से पीड़िता इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में आई थी।

केरल पुलिस ने बताया कि लॉकडाउन के बाद जब ऑनलाइन क्लास शुरू हुई तो लड़की को क्लास लेने के लिए मोबाइल एक्सेस दिया गया था। लेकिन इस दौरान वह इंस्टाग्राम के जरिए 30 साल के युवक के संपर्क में आई। ये मुख्य साजिशकर्ता था। इसने लड़की से कई बार इंस्टाग्राम पर चैटिंग की फिर उसके घर आया और उसे ड्रग्स देने लगा।

पुलिस ने बताया कि आरोपित लड़की को ड्रग दे देकर उसे उसका आदि बना रहे थे। बाद में उन्होंने उसका शारीरिक शोषण शुरू किया। फिर अन्य लोग भी उसका यौन शोषण करने लगे।

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता मल्लापुरम की रहने वाली है। यहाँ वह अपने माँ और भाई के साथ रहती है। उसके पिता पश्चिम एशिया में काम करते हैं। आरोपितों ने पहले अपने मनसूबों को अंजाम देने के लिए लड़की के घर में जगह बनाई फिर उसे ड्रग दिया और बाद में प्रताड़ित करना शुरू किया। 

पुलिस के संज्ञान में पूरा मामला चाल्डलाइन के हस्तक्षेप के बाद आया और किसी तरह पीड़िता को बचाया जा सका। पड़ताल में पता चला कि रैकेट के सदस्य स्कूल जाने वाली लड़कियों को फँसाते थे, फिलहाल पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी भेज दिया गया है। पुलिस ने भी सातों आरोपितों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -