Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयस्विडन में आतंक: अकेले कुल्हाड़ी से 8 लोगों पर हमला, 3 साल पहले इस्लामी...

स्विडन में आतंक: अकेले कुल्हाड़ी से 8 लोगों पर हमला, 3 साल पहले इस्लामी आतंकी ने लॉरी से रौंद डाला था 5 को

हमलावर करीब 20 साल का है। उसने अकेले कुल्हाड़ी से लोगों को निशाना बनाया। हमले में 8 लोग घायल हुए हैं। प्रधानमंत्री स्टिफन लोफेन ने इस हमले में 'आंतकी' हाथ होने का संदेह जताया है।

स्विडन के एक शहर में ‘आतंकी’ हमला हुआ है। वहाँ बीच सड़क पर एक अकेले व्यक्ति ने कुल्हाड़ी से तमाम लोगों को निशाना बनाया। हमले में 8 लोग घायल हुए। आतंकी अब पुलिस की गिरफ्त में है। पुलिस की गोली लगने के बाद उसने हथियार छोड़े। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है। 

प्रधानमंत्री स्टिफन लोफेन ने इस हमले में ‘आंतकी’ हाथ होने का संदेह जताया है। उन्होंने कहा है कि अभी मामले पर जाँच चल रही है। पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई आतंकी उद्देश्य तो नहीं था।

विदेशी समाचार के अनुसार, हमलावर करीब 20 साल का है। उसने 13000 जनसंख्या वाले वेटलैंड में लोगों को अपना शिकार बनाया। ये शहर स्विडन के दूसरे सबसे बड़े शहर से 190 मील की दूरी पर है और राजधानी स्टॉकहाल्म से 210 मील दूर। 

पुलिस ने फिलहाल आरोपित से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। उसे अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस सवालों के जरिए जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर इस हमले के पीछे उसकी क्या मंशा थी। स्विडन की सुरक्षा एजेंसी SAPO इस केस पर काम कर रही है। हर ओर अलर्ट जारी किया गया है।

घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने एकदम से चिल्लाने की आवाज सुनी और फिर एक आदमी को स्टोर में घुसते हुए देखा जो चिल्ला रहा था कि उसे मारा गया है। उसके कंधे से खून बह रहा था। लोगों ने उसे तौलिया दिया और प्रेशर देकर खून के बहाव को रोके रखा। इस बीच हमलावर पुलिस द्वारा गोली मार कर गिराया जा चुका था। 

पुलिस ने बताया है कि हमलावर जिंदा है। उसे जानलेवा चोट नहीं आई है, मगर उसने शुरुआत में कोई जानकारी नहीं दी। पुलिस अभी हमलावर की पहचान पता लगाने की कोशिश में जुटी है, लेकिन जो अब तक पता चला है वो यह कि वो व्यक्ति पहले भी छोटे-मोटे जुर्म करता रहा है।

बता दें कि इससे पहले भी स्विडन की कैपिटल स्टॉकहॉम में दो बार अटैक हो चुके हैं। एक साल 2010 में और दूसरा 2017 में। 2010 में, इराक में जन्मे एक जिहादी ने शहर के केंद्र में आत्मघाती बम हमला किया था, जिससे राहगीर घायल हुए थे। वहीं अप्रैल  2017 में, इस्लामिक स्टेट समूह के साथ सहानुभूति रखने वाले एक कट्टरपंथी ने चुराई हुई लॉरी का इस्तेमाल चलती सड़क पर पाँच लोगों को मारने के लिए किया था। हालाँकि बाद में उसकी गिरफ्तारी हो गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

करोड़ों का इनाम, जेल से शुरुआत… ट्रंप ने जिस आतंकी संगठन ‘ट्रेन डी अरागुआ’ को बताया ‘खून का प्यासा’, पढ़ें- मजदूर से माफिया बनने...

'खून का प्यासा' गैंग 'ट्रेन डी अरागुआ' आंतकी संगठन का मुख्य सरगना था नीनो गुएरेरो, जिसे अमेरिकी सेना ने हवाई हमले में मार गिराया।

जानिए किस ‘शर्त’ पर UP चुनावों में सपा के समर्थन को तैयार हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, क्यों हिंदू विरोधी अतीत को दे रहे हैं ‘क्लीनचिट’?...

सपा की गविष्ठी यात्रा में मौजूदगी और अखिलेश के PDA बयान के बाद बढ़े विवाद पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कैंप ने क्या कहा? पढ़ें- पूरी रिपोर्ट।
- विज्ञापन -