Homeविविध विषयअन्यरमजान में मतदान: 'सुबह 5 बजे से वोटिंग हो या नहीं' का मामला सुप्रीम...

रमजान में मतदान: ‘सुबह 5 बजे से वोटिंग हो या नहीं’ का मामला सुप्रीम कोर्ट में, चुनाव आयोग से भी सवाल

चुनाव शुरू हो जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय तब तक चुनाव आयोग के काम में दखल नहीं दे सकता है, जब तक कोई बड़ी चूक या किसी नियम का उल्लंघन न हुआ हो। इसलिए, पूरा मामला चुनाव आयोग पर निर्भर...

सर्वोच्च न्यायालय ने एक याचिका के आधार पर चुनाव आयोग से रमजान के दौरान मतदान का समय सुबह 5 बजे करने की माँग पर विचार करने के लिए कहा है। इस याचिका में मतदान का समय सुबह 7 बजे की बजाए 5 बजे करने की बात कही गई है।

हालाँकि, कोर्ट ने इस मामले पर चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं माँगा है। खबरों की मानें तो कोर्ट ने आयोग से सिर्फ़ यह जानने की कोशिश की है कि वे इस प्रकार की माँग पर गौर कर सकते हैं या नहीं?

उल्लेखनीय है कि चुनाव शुरू हो जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय तब तक चुनाव आयोग के काम में दखल नहीं दे सकता है, जब तक कोई बड़ी चूक या किसी नियम का उल्लंघन न हुआ हो। इसलिए, पूरा मामला चुनाव आयोग पर निर्भर करता है कि वह इस पर क्या फैसला करेगा।

बता दें कि रमजान 5 मई से शुरू हो रहे हैं। जिसके बाद तीन चरणों में 6, 12, 19 तारीख़ को चुनाव होने हैं। ऐसे में बढ़ती हुई चुनावी गर्मी देख कर कुछ लोगों ने यह याचिका दायर की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिनके राज में नेताओं की भैंस ढूँढती थी पुलिस, वो अखिलेश दे रहे कानून-व्यवस्था पर ज्ञान: पढ़िए- कैसे सपा शासन में बाहुबलियों से लेकर...

सपा सरकार में यूपी पुलिस के हर थाने को ये आदेश था कि किसी भी मामले में एक जाति विशेष और धर्म विशेष लोगों के खिलाफ मुकदमा नहीं लिखा जाएगा।

बांद्रा के गरीब नगर में चला बुलडोजर, फिर चर्चा में आए सुनील दत्त: पढ़ें- जब अभिनेता और कॉन्ग्रेस नेता पर लगे थे अवैध बस्तियों...

मुंबई के बांद्रा में बुलडोजर एक्शन के दौरान हिंसा। जानें- रेलवे प्रोजेक्ट, सुनील दत्त के पुराने कनेक्शन और धारावी जैसी राजनीति की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -