Homeदेश-समाजमुस्तफा ने पहचान छिपा हिंदू महिला से शादी की, गर्भवती हुई तो अस्पताल में...

मुस्तफा ने पहचान छिपा हिंदू महिला से शादी की, गर्भवती हुई तो अस्पताल में आधार कार्ड से खुला राज

हाल ही में मध्य प्रदेश में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने का नया कानून लागू हुआ है। इस कानून में शादी के बाद बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन को गंभीर अपराध माना गया है और इसके लिए 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्तफा नाम के एक शख्स ने अपनी पहचान छिपाकर हिंदू महिला से शादी कर ली। महिला जब गर्भवती हुई तो जाँच कराने अस्पताल पहुँची। वहाँ उसने आधार कॉर्ड पर अपने पति का असली नाम देखा।

इंदौर के द्वारकापुरी थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, पिछले साल अप्रैल में प्रेम विवाह करने वाली महिला को एक साल बाद पता चला कि उसका पति गब्बर नहीं, मुस्तफा है। महिला ने बताया कि दोनों की मुलाकात एक बर्थडे पार्टी में हुई थी। इसके बाद दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए और विवाह कर लिया। मुस्तफा ने महिला को अपना नाम गब्बर बताया था। लेकिन जब वह गर्भवती हुई और जाँच कराने अस्पताल पहुँची तो उसने आधार कार्ड में मुस्तफा नाम पाया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तफा के खिलाफ लव जिहाद कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

हाल ही में मध्य प्रदेश में लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने का नया कानून लागू हुआ है। इस कानून में शादी के बाद बलपूर्वक धर्म-परिवर्तन को गंभीर अपराध माना गया है और इसके लिए 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। बता दें कि अधिनियम की प्रस्तावना में लिखा हुआ है कि यह अधिनियम धर्मांतरण के विरुद्ध धर्म की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है। इसके साथ ही विवाह, धमकी अथवा बलपूर्वक, लालच जैसे अवैध माध्यमों से धर्मांतरण को रोकता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी BJP, जालंधर से वाराणसी के बीच निकलेगी भव्य यात्रा: जानिए पंजाब-UP चुनाव में रविदासिया समुदाय को कैसे साध रही भारतीय...

बीजेपी का 'समरसता संकल्प अभियान' (सामाजिक समरसता और संकल्प के लिए अभियान) 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक लगभग सात महीनों तक चलेगा।

ओडिशा सरकार करेगी स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नामकरण: जानिए ST इलाकों में धर्मांतरण रोकने में सक्रिय रहे हिंदू नेता...

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य क्षेत्र के ST समुदाय के लिए उनके जीवन के समर्पण, सेवा और बलिदान को सम्मानित करना है।
- विज्ञापन -