Homeराजनीति'अपना तैनाती से लाठी डंडा लाए हो, ले लो; नहीं तो वहाँ पड़ा है':...

‘अपना तैनाती से लाठी डंडा लाए हो, ले लो; नहीं तो वहाँ पड़ा है’: सपा के पूर्व MLA का हिंसा के लिए भड़काते वीडियो वायरल

“अपना तैनाती से लाठी डंडा लाए हो लाठी डंडे ले लो और नहीं लाए हो तो वहाँ पर पड़ा हैं।” सपा नेता की यह वीडियो वायरल होने के बाद अब लोग उनके विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में होने वाले ब्लॉक प्रमुख के चुनावों पर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी अभी से आमने सामने हैं। ऐसे में प्रदेश के कई जिलों से दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरे सामने आ रही थी और अब गोंडा जिले के पूर्व सपा विधायक का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में वह तमाम सपा कार्यकर्ताओं को हिंसा भड़काने के लिए उकसाते सुनाई पड़ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, वीडियो में नजर आ रहे नेता सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे हैं। अपने कार्यकर्ताओं से वह कहते हैं, “अपना तैनाती से लाठी डंडा लाए हो तो लाठी डंडे ले लो और नहीं लाए हो तो वहाँ पर पड़ा हैं।” सपा नेता की यह वीडियो वायरल होने के बाद अब लोग उनके विरुद्ध कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

शहजाद जय हिंद लिखते हैं, “समाजवादी चाल चरित्र चेहरा? सपा के पूर्व विधायक हिंसा भड़काते हुए! क्या अख़िलेश यादव जो क़ानून व्यवस्था पर क़सीदे पढ़ रहे थे अब कार्रवाई करेंगे इसके ख़िलाफ़?”

इसी प्रकार ट्विटर यूजर अलोक कुमार तिवारी कहते हैं, “सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे कल दिनांक 8/07/2021 को अपनी जनसभा में अपने कार्यकर्ताओं  को उपद्रव मार काट और हिंसा करने को उकसाते हुए। ब्लाक प्रमुख नामांकन के समय इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की कृपा करें।”

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कटरा बाजार ब्लॉक प्रमुख चुनाव में पर्चा खरीदने को लेकर भाजपा व सपा समर्थकों के बीच बवाल हो गया था। दोनों पक्षों से ईंट पत्थर चले थे। इसी बीच फायरिंग में भगदड़ भी हुई। बीच में दूबे का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ लोगों ने कहा कि उन पर हमला हुआ है। हालात बिगड़ता देख पुलिस ने बल का प्रयोग किया और दोनों पक्षों को मशक्कत के बाद खदेड़ डाला। फिर प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -