Homeराजनीतिजीत की सुनामी का जश्न: पीएम मोदी के आवास पर पहुँचेंगे 20000 BJP कार्यकर्ता

जीत की सुनामी का जश्न: पीएम मोदी के आवास पर पहुँचेंगे 20000 BJP कार्यकर्ता

भाजपा नेताओं ने पार्टी की जीत सुनिश्चित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर भव्य स्वागत के लिए 20,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को स्वागत और जीत का जश्न मनाने के लिए...

लोकसभा चुनाव 2019 की मतगणना जारी है। मतों की गिनती के साथ ही अब स्थिति लगभग साफ हो चुकी है। बीजेपी प्रचण्ड बहुमत से सत्ता बनाए रखने में सफल रही है। लोकसभा चुनाव के बाद हुए एग्जिट पोल्स में लगभग सभी ने भारतीय जनता पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दिखाया था। और अब विपक्ष की तमाम दलीलों के बाद भी पिक्चर स्पष्ट है।

परिणाम से उत्साहित भाजपा नेताओं ने पार्टी की जीत सुनिश्चित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर भव्य स्वागत के लिए 20,000 से अधिक कार्यकर्ताओं को स्वागत और जीत का जश्न मनाने के लिए आमंत्रित किया है। इसके आलावा पार्टी मुख्यालय में भी भव्य जश्न की तैयारी की गई है।

इसके आलावा इस बार पश्चिम बंगाल में बीजेपी के ममता के गढ़ में सेंध लगाने पर भी ज़बरदस्त उत्साह का माहौल है।

बता दें कि पार्टी ने सभी विजेता प्रत्याशियों को 25 मई तक दिल्ली में उपस्थित होने के लिए भी कहा है। लगभग सभी मीडिया संस्थानों के एग्जिट पोल्स में भाजपा नीत राजग गठबंधन को 542 लोकसभा सीटों में से 300 से अधिक सीटों पर जीत हासिल होने का अनुमान लगाया गया था। कुछ एग्जिट पोल में 350 से भी अधिक सीटों का अनुमान लगाया गया था। और बीजेपी इस लक्ष्य के करीब पहुँचती जा रही है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी मीटिंग में कहा था कि भाजपा दूसरी बार सरकार बनाएगी, वह भी पूर्ण बहुमत के साथ। भाजपा को यह जीत उसके बीते पाँच सालों के विकास कार्यों के बदौलत हासिल हुई है।

आज जब जीत का आँकड़ा धीरे-धीरे स्पष्ट होता जा रहा है। बीजेपी की धमाकेदार इंट्री हो रही है। लेकिन सबसे मजेदार दौर देखने को मिला जब EVM राग छेड़कर महागठबंधन से लेकर लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने हार के प्रति वो कितने आश्वस्त हैं, इसका परिचय दिया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -