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गुजरात के 108 मंदिरों में लाउडस्पीकर से दिन में 2 बार हनुमान चालीसा, सोशल मीडिया यूजर बोले- ‘पूरे भारत में ऐसा हो’

लाउडस्पीकर वितरण पर राम सेतु मिशन के अध्यक्ष दीप अग्रवाल ने बताया, "लाउडस्पीकर लगाने का इरादा इसलिए है, ताकि भक्त घर बैठे हनुमान चालीसा, आरती और अन्य भक्ति गीत सुनने का लाभ उठा सकें।

गुजरात में अब मंदिरों में लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। प्रदेश के तीसरे सबसे बड़े शहर वडोदरा में 108 मंदिरों में हनुमान चालीसा और दिन में दो बार आरती करने के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जाएगा। देश गुजरात की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल जिले के एक स्थानीय संगठन ‘मिशन राम सेतु’ द्वारा शुरू की गई है।

शहर के कालाघोड़ा क्षेत्र के पंचमुखी हनुमान मंदिर में श्रावण मास के पहले सोमवार को लाउडस्पीकर वितरण का कार्यक्रम शुरू हुआ था। लाउडस्पीकर वितरण करने की पहल पर टिप्पणी करते हुए राम सेतु मिशन के अध्यक्ष दीप अग्रवाल ने बताया, “लाउडस्पीकर लगाने का इरादा इसलिए है, ताकि भक्त घर बैठे हनुमान चालीसा, आरती और अन्य भक्ति गीत सुनने का लाभ उठा सकें। दरअसल, कोरोना महामारी को देखते हुए सरकार के कई दिशा-निर्देशों और प्रतिबंधों के कारण लोगों से मंदिरों या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने के लिए कहा जा रहा है।”

इस कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ नेताओं ने भी भाग लिया, जिनमें शहर के अध्यक्ष डॉ विजय शाह, शहर के महासचिव सुनील और जसवंत सोलंकी भी शामिल थे।

दीपक अग्रवाल ने कहा, “78 मंदिरों ने लाउडस्पीकर प्राप्त करने के लिए हमारे पास अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। अगले लॉट का वितरण बुधवार से शुरू हो गया है। इसके तहत छोटे मंदिरों में एक लाउडस्पीकर और बड़े मंदिरों को दो लाउडस्पीकर दिए जाएँगे।” इस खबर को विश्व हिंदू परिषद ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर साझा किया।

साभार: सोशल मीडिया

रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने पिछले साल भी कुछ मंदिरों में श्रावण के महीने में लाउडस्पीकर दिए थे।

इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसका समर्थन कर रहे हैं और माँग कर रहे हैं कि ऐसा देश के हर शहर में होना चाहिए। ‘मेघ अपडेट्स’ नाम के सोशल मीडिया यूजर की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए अभिजीत ने कहा, “ऐसा ही पूरे भारत में करने की आवश्यकता है।”

एक अन्य यूजर आकर्ष वर्मा ने कहा कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही होगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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