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असम में तालिबान का समर्थन: मेडिकल स्टूडेंट नदीम और मौलाना सहित 14 गिरफ्तार, हिंदू आईटी सेल की शिकायत पर एक्शन में पुलिस

गिरफ्तार लोगों में मौलाना भी शामिल। इसके अलावा नदीम अख्तर लश्कर नाम के एक मेडिकल स्टूडेंट को भी गिरफ्तार किया गया है। हैलाकांडी से गिरफ्तार लश्कर तेजपुर मेडिकल कॉलेज का छात्र है।

असम पुलिस ने 14 ऐसे लोगों गिरफ्तार किया है जिन्होंने सोशल मीडिया पर तालिबान के समर्थन में पोस्ट किया। इन सभी को शुक्रवार (20 अगस्त 2021) की रात गिरफ्तार किया गया है।

असम पुलिस के स्पेशल डीजीपी जीपी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जो सोशल मीडिया पर अफगानिस्तान में तालिबान के क्रियाकलापों का समर्थन कर रहे थे। साथ ही डीजीपी सिंह ने बताया कि लोगों को यह हिदायत दी गई है कि वो किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के आपत्तिजनक पोस्ट करने से बचें। रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों पर UAPA, IT एक्ट और सीआरपीसी की विभिन्न धाराएँ लगाई गई हैं।

पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने सूचित किया कि पुलिस लगातार सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक कामरूप मेट्रोपॉलिटन, बरपेटा, धुबरी और करीमगंज जिले से 2-2 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसके अलावा दरांग, कछार, हैलाकांडी, साऊथ कलमारा, गोलपारा और होजई से एक-एक व्यक्ति को आपत्तिजनक पोस्ट के चलते गिरफ्तार किया गया है।

इस मामले की जानकारी हिंदू आईटी सेल के कोर सदस्य रॉन बिकाश गौरव ने असम पुलिस की दी। स्थानीय लोगों के अनुसार नदीम अख्तर नाम का मेडिकल स्टूडेंट आदतन नफरत फैलाने वाला इंसान है। कयास है कि वह मेडिकल छात्रावास परिसर में भी नफरत फैला रहा था।

हिंदू आईटी सेल के अक्षित सिंह (सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर) ने ऑपइंडिया को बताया कि रॉन बिकाश गौरव की सूचना पर असम पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। मेडिकल स्टूडेंट नदीम अख्तर को गिरफ्तार करने के लिए असम पुलिस ने एक टीम का गठन किया। इसी टीम ने उसे गिरफ्तार भी किया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार लोगों में मौलाना भी शामिल हैं। इसके अलावा नदीम अख्तर लश्कर नाम के एक मेडिकल स्टूडेंट को भी गिरफ्तार किया गया है। हैलाकांडी से गिरफ्तार लश्कर तेजपुर मेडिकल कॉलेज का छात्र है। बरपेटा से मजीदुल इस्लाम और फारुख हुसैन खान को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों के किसी कट्टरपंथी इस्लामी समूह से संभावित संबंधों की आशंका के चलते पूछताछ की जा रही है।

असम की डीआईजी वायलेट बरुआ ने कहा है कि असम पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किए जाने वाले और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक तालिबान समर्थित कमेंट्स और पोस्ट पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है और अगर लोगों की नजर में ऐसी किसी भी प्रकार की गतिविधि आती है तो उसकी सूचना पुलिस को दी जाए।

ज्ञात हो कि कई मुस्लिम धर्मगुरू और नेताओं के द्वारा तालिबान के समर्थन में बातें कही जा रही हैं ऐसे में यह स्वाभाविक है कि कट्टरपंथी स्वभाव के व्यक्ति भी तालिबान का समर्थन करने के लिए प्रेरित होंगे। पिछले कुछ दिनों से शायर मुनव्वर राना और देवबंद के मुफ्ती और फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना अरशद फारुकी समेत कई अन्य लोगों ने अफगानिस्तान में सत्ता स्थापित करने के लिए तालिबान की पीठ थपथपाई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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