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‘घंटों बैठे रहते हैं पर प्रसाद नहीं लेते, टीका नहीं लगाते’: विश्वनाथ मंदिर में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित वाला साइनबोर्ड

VHP जिलाध्यक्ष के अनुसार गैर हिंदू मंदिर आकर माहौल बिगाड़ रहे थे। महिलाओं और लड़कियों पर कमेंट करते थे। हिंदुओं की भावना को ठेस पहुँचाने के लिए शौच के बाद शीतल कुंड में हाथ धो लेते थे।

उत्तराखंड के गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर में हाल ही में अन्नकूट मेला संपन्न हुआ है। अब इस मंदिर के बाहर लगा एक साइनबोर्ड चर्चा में है। इस पर लिखा है- मंदिर परिसर में गैर हिन्दू प्रवेश वर्जित है।

ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार अन्नकूट मेले के दौरान मंदिर आने वाले गैर हिंदुओं के व्यवहार को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इसके अनुसार गैर हिंदू मंदिर में आकर घंटों बैठे रहते थे, लेकिन प्रसाद लेने और टीका लगाने से इनकार कर देते थे। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने इनके बहिष्कार का फैसला किया है।

रिपोर्ट में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिलाध्यक्ष श्रीराम गोस्वामी के ​हवाले से बताया गया है कि गैर हिंदू मंदिर आकर माहौल भी बिगाड़ रहे थे। मंदिर में आने वाली महिलाओं और लड़कियों पर कमेंट करते थे। यहाँ तक कि हिंदुओं की भावना को ठेस पहुँचाने के लिए शौच के बाद शीतल कुंड में हाथ धो लेते थे।

गोस्वामी गौ सेवा रक्षक के जनपद प्रभारी भी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि गैर हिंदुओं के लिए मंदिर के बाहर जल्द पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही मंदिर के बाहर बोर्ड लगाने के लिए देवस्थानम बोर्ड से जल्द अनुमति लेने की बात भी उन्होंने कही है।

उल्लेखनीय है कि इसी साल मार्च में उत्तराखंड के कई मंदिरों के बाहर बैनर लगाकर गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित होने की बात कही गई थी। हिंदू युवा वाहिनी की ओर से राज्य के करीब 150 मंदिरों के प्रवेश द्वार पर ऐसे बैनर लगाए गए थे। देहरादून के चकराता रोड, सुद्धोवाला और प्रेम नगर इलाकों में स्थित मंदिरों पर ये बैनर लगे थे। बाद में इसको लेकर हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश (उत्तराखंड) महासचिव जीतू रंधावा के खिलाफ देहरादून में एफआईआर भी दर्ज की गई थी।

उस समय रंधावा ने कहा था कि पुलिस ने उन्हें शहर में ऐसे पोस्टर न लगाने की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से पूछा था “वो मुसलमानों का ऐसे पक्ष क्यों ले रहे हैं? मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि उत्तराखंड जैसी जगह पर ऐसा हो रहा है। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि वो मेरे खिलाफ केस कर दें, लेकिन मैं सुनिश्चित करूँगा कि ऐसे पोस्टर उत्तराखंड के सभी मंदिरों के बाहर लगाए जाएँ।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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