Homeविविध विषयअन्यगोल्ड और सिल्वर पर एक साथ कब्जा, टोक्यो पैरालिंपिक में शूटर मनीष नरवाल और...

गोल्ड और सिल्वर पर एक साथ कब्जा, टोक्यो पैरालिंपिक में शूटर मनीष नरवाल और सिंहराज ने रचा इतिहास

भारत के खाते में अब तक 3 स्वर्ण, 7 रजत और 5 कांस्य पदक आ चुके हैं। यह पैरालिंपिक के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

टोक्यो पैरालिंपिक में भारतीय पैराशूटर्स ने कमाल का प्रदर्शन किया है। शनिवार (4 सिंतबर) को भारत के पैराशूटर मनीष नरवाल (19 साल) ने शूटिंग P4 मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल SH1 इवेंट में जहाँ गोल्ड मेडल पर कब्जा किया है, वहीं सिंहराज (39 साल) ने सिल्वर मेडल जीता है।

भारत के खाते में अब तक 3 स्वर्ण, 7 रजत और 5 कांस्य पदक आ चुके हैं। इसके साथ ही भारत की झोली में अब पदकों की संख्या 15 हो गई है। यह पैरालिंपिक के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वहीं, रियो पैरालिंपिक (2016) में भारत ने 2 स्वर्ण सहित 4 पदक जीते थे।

दोनों भारतीय पैराशूटर्स फरीदाबाद के रहने वाले हैं। मनीष ने 218.2 के कुल स्कोर के साथ पहला स्थान, जबकि सिंहराज ने 216.7 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्वॉलिफिकेशन राउंड में 536 अंकों के साथ सिंहराज चौथे नंबर पर जबकि मनीष नरवाल 533 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे थे। इस पैरालंपिक में सिंहराज ने दूसरा मेडल जीता है। इससे पहले उन्हें 10m Air Pistol SH1 में कांस्य पदक मिला था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो पैरालिंपिक में शानदार जीत के लिए मनीष और सिंहराज को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ”टोक्यो पैरालिंपिक से गौरवपूर्ण प्रदर्शन जारी है। युवा और शानदार प्रतिभावान मनीष नरवाल की शानदार उपलब्धि। उनका स्वर्ण पदक जीतना भारतीय खेलों के लिए एक विशेष क्षण है। उन्हें इसके लिए बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -