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केरल में ISRO का ट्रक रोका, रास्ता देने को ट्रेड यूनियन माँग रहे ₹10 लाख: ‘नोक्कुकूली’ पर HC की रोक के बावजूद गुंडई

दिलचस्प बात यह है कि केरल हाईकोर्ट द्वारा स्थानीय भाषा में 'नोक्कूकूली' कही जाने वाली इस अजीब प्रथा से छुटकारा दिलाने के लिए कानून को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने के लिए राज्य सरकार की खिंचाई करने के तीन दिन बाद इस घटना को अंजाम दिया गया है।

केरल के तिरुवनंतपुरम में रविवार (5 सितंबर) को भारी उपकरणों से लदे इसरो के एक ट्रक को आगे जाने के लिए ट्रेड यूनियन के सदस्यों और स्थानीय लोगों ‘गॉकिंग चार्ज’ के रूप में 10 लाख रुपए की माँग की। बताया जा रहा है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक विंग विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (वीएसएससी) के भारी उपकरणों से लदे ट्रक को रास्ते में ही रोक दिया था।

विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि ट्रेड यूनियनों के स्थानीय लोगों द्वारा थुंबा में 10 लाख रुपए माँगने के कारण ट्रक चार घंटे से अधिक समय तक फँसा रहा। उन्होंने इस बारे में सीएम कार्यालय को सूचित किया, जिसके बाद श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी और थुंबा पुलिस स्टेशन के आयुक्त सहित पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से यह मामला शांत हुआ। उन्होंने बताया कि ट्रक इसरो सेंटर के लिए कुछ भारी मशीनरी ले जा रहा था। वहीं, श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी ने ट्रेड यूनियन और स्थानीय लोगों को भड़काने वाले मजदूर नेताओं के खिलाफ सख्त-से-सख्त कार्रवाई की बात कही है।

केरल HC ने ‘गॉकिंग चार्ज’ प्रथा के लिए राज्य को फटकार लगाई

दिलचस्प बात यह है कि केरल हाईकोर्ट द्वारा स्थानीय भाषा में ‘नोक्कूकूली’ कही जाने वाली इस अजीब प्रथा से छुटकारा दिलाने के लिए कानून को प्रभावी ढंग से लागू नहीं करने के लिए राज्य सरकार की खिंचाई करने के तीन दिन बाद इस घटना को अंजाम दिया गया है। कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को मजदूरों को भुगतान करने का आदेश दिया था, ताकि वह इस तरह से माँग नहीं करें।

जस्टिस देवन रामचंद्रन ने कहा था, ”मैंने पाया है कि न्यायालय के समक्ष हर रोज गॉकिंग चार्ज की माँग से संबंधित शिकायतें आ रही हैं। यह आश्चर्य की बात है, क्योंकि मुझे पता है कि सरकार पहले भी ट्रेड यूनियन से ऐसी माँग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर चुकी है। नोक्कुकूली राज्य की छवि को खराब कर रहा है और इसके बारे में गलत धारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है।”

कोर्ट ने अब नोक्कुकूली पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने का आदेश दिया है, जो पहले से ही साल 2018 में राज्य सरकार द्वारा लगाया गया था। पिछले साल महामारी के बीच भी इस प्रथा का खूब इस्तेमाल किया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेड यूनियन गुंडों को ‘गॉकिंग चार्ज’ वसूलने के लिए स्थानीय गुंडों को नियुक्त करते हैं। इन यूनियन में सीपीएम नियंत्रित सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (CITU) के सबसे प्रमुख है।

बता दें कि ‘गॉकिंग चार्ज’ (Gawking charge) या नोक्कुकूली केरल में एक सामान्य प्रथा है, जहाँ संगठित श्रमिक संघ व्यक्तियों या बिजनेसमैन से अपना सामान उतारने के लिए पैसे वसूलते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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