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‘भारत की अधिकतर जनसंख्या कोरोना वैक्सीनेटेड नहीं’ – राहुल गाँधी और NDTV की बात का फैक्ट चेक

अगर हम 94 करोड़ की पात्र जनसंख्या भी मान कर चलें तो 59% लोग भारत में कोरोना की वैक्सीन ले चुके हैं। अभी 27.03 करोड़ (27,03,36,640) लोग ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन की पहली डोज ले ली है और दूसरी डोज बाकी है।

कॉन्ग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने भारत में कोरोना टीकाकरण (Coronavirus Vaccination) को लेकर झूठ फैलाया और डर का माहौल बनाने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि भारत की अधिकतर जनसंख्या अभी भी वैक्सीनेटेड नहीं है और साथ ही भारत सरकार से सवाल पूछा कि वो बूस्टर डोज देना कब शुरू करेगी? राहुल गाँधी ने ‘वैक्सीनेट इंडिया’ का टैग भी अपनी ट्वीट में लगाया। साथ ही उन्होंने कुछ आँकड़े भी साझा किए।

राहुल गाँधी ने दावा किया कि दिसंबर 2021 तक भारत की 60% जनसंख्या के कोरोना टीकाकरण का लक्ष्य था, लेकिन उस समय तक मात्र 42% लोगों को ही कोरोना का टीका मिल पाएगा। असल में राहुल गाँधी ने जो आँकड़ा साझा किया, वो वामपंथी मीडिया संस्थान NDTV का है। इसमें बताया गया है कि दिसंबर 2021 तक 60% लोगों के टीकाकरण के लिए रोज 6.1 करोड़ लोगों को वैक्सीन की खुराक देनी पड़ेगी। NDTV का कहना है कि इसके उलट फ़िलहाल प्रतिदिन मात्र 58 लाख लोग ही कोरोना वैक्सीन की डोज ले पा रहे हैं।

NDTV का कहना है कि भारत को लक्ष्य तक पहुँचने के लिए जो आँकड़ा चाहिए, उससे प्रतिदिन 5.53 करोड़ कम लोगों को ही वैक्सीन लगाई जा रही है। हालाँकि, भारत में कोरोना टीकाकरण के जो वास्तविक आँकड़े हैं, वो अलग ही कहानी कहते हैं। न तो NDTV और न ही राहुल गाँधी ने आँकड़ों का जल बुन कर लोगों को भ्रमित करने से पहले ये बताया कि फ़िलहाल 18 से कम उम्र वालों को कोरोना वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। अभी तक ऐसी किसी भी वैक्सीन को भारत सरकार की अनुमति ही नहीं मिली है।

इस तरह कोविड-19 टीकाकरण के लिए सिर्फ वही लोग पात्र हैं, जिनकी उम्र 18 से अधिक है, अर्थात जो वयस्क हैं। ‘भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI)’ के अनुसार, 2020 के डेटा के हिसाब से भारत की जनसंख्या 137.05 करोड़ है, लेकिन इनमें से 86.54 करोड़ ही वयस्क हैं। इसका अर्थ है कि कुल जनसंख्या का 63% ही कोरोना वैक्सीन लेने के लिए पात्रता रखता है। अगर हम मान लें कि 1 साल में ये जनसंख्या बढ़ कर 94 करोड़ हो गई है, फिर भी ये कुल जनसंख्या का 68% ही होगा।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, अब तक कोरोना वैक्सीन की 138.95 करोड़ (1,38,95,90,670) खुराक दी जा चुकी है। साथ ही 55.96 करोड़ (55,96,27,015) लोग ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों ही डोज ले ली है। अगर हम 94 करोड़ की पात्र जनसंख्या भी मान कर चलें तो 59% लोग भारत में कोरोना की वैक्सीन ले चुके हैं। अभी 27.03 करोड़ (27,03,36,640) लोग ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन की पहली डोज ले ली है और दूसरी डोज बाकी है।

अगर अगले एक महीने में भी इन सभी सिंगल डोज वालों को दूसरी खुराक दे दी जाती है तो भारत की 88% जनसंख्या, अर्थात 83 करोड़ की जनसंख्या कोरोना वैक्सीनेटेड हो जाएगी। जनवरी के अंत तक ये संभव हो सकता है। अभी तक के आँकड़ों की बात करें तो हमने अमेरिका (33 करोड़), रूस (14 करोड़) और यूके (6 करोड़) को मिला कर जितनी जनसंख्या है, उतने लोगों को हम पहले ही कोरोना वैक्सीन दे चुके हैं। बूस्टर शॉट को लेकर भी कई वैज्ञानिक अध्ययन चल रहे हैं और अगर इसके फायदे सामने आते हैं तो सरकार ज़रूर इसकी अनुमति देगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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