Homeविविध विषयअन्यचीनी कंपनी नहीं, अब TATA बना IPL का स्पॉन्सर: 2 नई टीमें, नीलामी की...

चीनी कंपनी नहीं, अब TATA बना IPL का स्पॉन्सर: 2 नई टीमें, नीलामी की तारीख भी आई

साल 2018 में पाँच साल यानी 2022 तक के लिए वीवो ने 2,190 करोड़ रुपए में IPL के टाइटल को स्पॉन्सर किया था, लेकिन भारत-चीन के बीच विवाद के बाद 2020 में ड्रीम-11 से वह बाहर हो गया था। बाद में उसने 2021 में फिर से अपनी वापसी की। हालाँकि, वीवो की स्पॉन्सरशिप अभी भी दो साल तक के लिए बची है।

इंडियन प्रीमियर लीग 2022 (IPL) में इस बार एक खास बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बार के IPL में टाइटल को स्पॉन्सर ‘टाटा ग्रुप’ करने वाला है। टाइटल स्पॉन्सर से अब चीनी कंपनी ‘वीवो’ ने अपना नाम वापस ले लिया है। मंगलवार (11 जनवरी 2022) को IPL के चोयरमैन ब्रिजेश पटेल ने गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग के दौरान इसकी पुष्टि की।

रिपोर्ट के मुताबिक, पटेल ने कहा है कि IPL के अगले सीजन को ‘टाटा IPL’ (TATA IPL) कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि वीवो ने अपने राइट्स के ट्रांसफर का अनुरोध किया था, जिसे गवर्निंग काउंसिल ने पारित कर दिया है।

बता दें कि साल 2018 में पाँच साल यानी 2022 तक के लिए वीवो ने 2,190 करोड़ रुपए में IPL के टाइटल को स्पॉन्सर किया था, लेकिन भारत-चीन के बीच विवाद के बाद 2020 में ड्रीम-11 से वह बाहर हो गया था। बाद में उसने 2021 में फिर से अपनी वापसी की। हालाँकि, वीवो की स्पॉन्सरशिप अभी भी दो साल तक के लिए बची है। वीवो ने इन दो सालों IPL टाइटल स्पॉन्सरशिप का अधिकार टाटा को हस्तांतरित कर दिया है। इस तरह यह टाटा आईपीएल के नाम से जाना जाएगा।

वीवो की वास्तविक डील 2020 में ही समाप्त हो गई थी, लेकिन एक साल छोड़ने के कारण वीवो को 2023 तक का विस्तार मिला था। हालाँकि, टाटा और IPL के बीच कितने में ये डील पक्की हुई है, ये अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। गौरतलब है कि IPL साल 2008 में शुरू हुआ था। तब से यह काफी बड़ा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, IPL के राइट्स को लेकर बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने एक बार उम्मीद जताई थी कि इस बार आईपीएल के मीडिया राइट्स 40 हजार करोड़ तक जा सकते हैं।

बता दें कि इस बार के आईपीएल में दो नई टीमें भी शामिल हो रही हैं। लखनऊ टीम और अहमदाबाद टीम को क्लीयरेंस मिली है। मैच के लिए टीमों की नीलामी 12 और 13 फरवरी को बेंगलुरु में होगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -