Homeदेश-समाजचोरों ने काली माँ मंदिर से उड़ा लिए रुपए, 7 मासूम कुत्तों की ज़हर...

चोरों ने काली माँ मंदिर से उड़ा लिए रुपए, 7 मासूम कुत्तों की ज़हर देकर हत्या: पूजा के बाद प्रसाद लेने आते थे डॉग्स

उल्लेखनीय है कि मोहनिया में रेलवे माल गोदाम रोड के जीआरपी थाने में स्थित यह मंदिर माँ काली का मंदिर है, जहाँ ये घटना हुई।

बिहार (Bihar) के कैमूर में सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया गया है। यहाँ एक मंदिर में चोरी करने के इरादे से आए डकैतों ने मानवता की सारी हदें पार कर दी। बदमाशों ने डकैती में किसी भी प्रकार के खलल से बचने के लिए सबसे पहले मंदिर के आसपास घूमने वाले 7 आवारा कुत्तों को जहर देकर उनकी हत्या (Dogs Killed) कर दी। इससे कुत्तों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बदमाशों ने आराम से मंदिर का दरवाजा तोड़कर दानपेटी से करीब 15-20000 रुपए चुरा लिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, जब अगले दिन शनिवार (29 जनवरी, 2022) को मंदिर का पुजारी वहाँ पूजा-अर्चना करने के लिए गया तो वहाँ के हालात देख दंग रह गया। उसने इसकी सूचना तुरंत भभुआ के जीआरपी थाने को दी गई। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची रेलवे पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। यह मंदिर कैमूर के मोहनिया इलाके में रेलवे मॉल गोदाम रोड के जीआरपी थाना परिसर में ही स्थित था।

इस घटना को लेकर भभुआ जीआरपी थाने के प्रभारी जयप्रकाश ने बताया, “चोरी के मामले में जाँच की जा रही है। अधिक विवरण जल्द ही सामने आएँगे।”

वहीं इस मामले में मंदिर के सचिव धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा, “चोरों ने मंदिर का दरवाजा तोड़ दिया और दानपेट्टी से 15 से 20 हजार रुपए चुरा लिए। मंदिर के पास रहने वाले सात मासूम जीवों को भी जहर देकर मार दिया गया है। ये मासूम जीव आरती के बाद प्रसाद लेने के लिए मंदिर में रुकते हैं। चोरों ने भी उन्हें नहीं बख्शा। मैं प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने की माँग करता हूँ।”

उल्लेखनीय है कि मोहनिया में रेलवे माल गोदाम रोड के जीआरपी थाने में स्थित यह मंदिर माँ काली का मंदिर है, जहाँ ये घटना हुई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गालीबाजों में दिखे ‘स्वतंत्रता सेनानी’ और मोदी सरकार में ‘क्रूर ब्रिटिश’… ‘पत्रकारिता’ के नाम पर इस वामपंथी सनक को छोड़ दो आरफा-श्याम-तनुश्री

आरफा-श्याम-तनुश्री और अनमोल ने उस सीजेपी प्रदर्शन पर राउंड टेबल चर्चा की जो खत्म हो चुकी है, लेकिन झारखंड पेपर लीक पर फेविकोल लगा के बैठे है।

वांगचुक ने 26 दिन भूख हड़ताल कर राहुल गाँधी को दिया राजनीतिक वापसी का मौका, लेकिन उनके अहंकार ने सब चौपट कर दिया

वांगचुक ने बताया कि वह चाहते थे राहुल गाँधी उनका अनशन तुड़वाएँ। जानिए कैसे कॉन्ग्रेस ने CJP आंदोलन से दूरी बनाकर अलग सियासी राह चुनी।
- विज्ञापन -