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‘पूरा यूरोप मुस्लिम देश बन जाएगा, अप्रवासियों को उनके देशों में वापस भेजा जाना जरूरी’

"जो शरणार्थी यूरोप आ गए हैं, उन शरणार्थियों को शरण देकर उन्हें शिक्षा एवं प्रशिक्षण देना चाहिए। इनका कौशल विकास कर फिर उन्हें उनके देश में भेजने का लक्ष्य होना चाहिए।"

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने अपने उत्तराधिकारी को लेकर एक बार फिर से बयान दिया है। इस बयान में उन्होंने कहा कि उनकी उत्तराधिकारी कोई खूबसूरत महिला भी हो सकती है। दरअसल, दलाई लामा ने हाल ही में बीबीसी की पत्रकार रजनी वैद्यनाथन को एक इंटरव्यू दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी उत्तराधिकारी कोई महिला भी हो सकती है, लेकिन वह आकर्षक होनी चाहिए। उन्होंने ये बात 2015 में भी कही थी, और अभी भी वो अपनी इस बात पर अडिग हैं। उन्होंने इंटरव्यू में कहा कि जितना महत्त्व दिमाग का है, उतना ही खूबसूरती का भी है। साथ ही उन्होंने कहा, “अगर महिला दलाई लामा बनती हैं तो उसे कहीं ज्यादा आकर्षक होना चाहिए।”

जब रजनी ने उनसे ऐसा बोलने के पीछे की वजह पूछी तो दलाई लामा ने कहा कि उन्होंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि अगर कोई महिला लामा आती हैं और वो खुश दिखती हैं तो लोग भी उन्हें देखकर खुश होंगे और अगर कोई महिला लामा दुखी दिखती हैं तो लोग उन्हें देखना पसंद नहीं करेंगे। साथ ही दलाई लामा ने कहा, “असली खूबसूरती मन की खूबसूरती है, ये सच है, लेकिन मैं समझता हूँ कि आकर्षक दिखना भी ज़रूरी है।”

दलाई लामा ने यूरोप में अप्रवासियों पर भी अपनी राय रखी और कहा कि केवल सीमित संख्या में शरणार्थियों को रहने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूरोप, यूरोपियों के लिए है और अगर अप्रवासी अपने देशों में वापस नहीं भेजे जाते हैं, तो पूरा यूरोप मुस्लिम देश या फिर अफ्रीकी देश बन सकता है। इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि जो शरणार्थी यूरोप आ गए हैं, उन शरणार्थियों को अपने यहाँ शरण देकर उन्हें शिक्षा एवं प्रशिक्षण देना चाहिए। इनका कौशल विकास कर फिर उन्हें उनके देश में भेजने का लक्ष्य होना चाहिए।

इसके साथ ही दलाई लामा ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप में नैतिक सिद्धांत की कमी है। उन्होंने कहा कि एक दिन ट्रंप कुछ कहते हैं, तो अगले दिन वो (ट्रंप) कुछ और कहते हैं। उन्होंने ट्रंप के अमेरिका फर्स्ट नीति की आलोचना की और कहा कि अमेरिका को वैश्विक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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