HomeराजनीतिMDMK चीफ वाइको देशद्रोह के मामले में दोषी: 1 साल की जेल, ₹10,000 का...

MDMK चीफ वाइको देशद्रोह के मामले में दोषी: 1 साल की जेल, ₹10,000 का जुर्माना

वाइको ने 15 जुलाई 2009 को चेन्नई में आयोजित एक समारोह में भाग लिया था। इस दौरान उन्होंने श्रीलंकाई गृह युद्ध पर भाषण देते हुए आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम का समर्थन किया था।

एमडीएमके प्रमुख गोपालस्वामी वाइको को देशद्रोह के मामले में दोषी ठहराया गया है। इस मामले में वाइको को चेन्नई की एक विशेष अदालत ने 1 साल की सजा और ₹10,000 का जुर्माना लगाया है। हालाँकि, वाइको की अपील पर कोर्ट ने तुरंत सजा पर रोक लगा दी है। सजा पर रोक के बाद अब वाइको राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। वाइको को तमिलनाडु में स्टालिन ने डीएमके कोटा से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। यह चुनाव 18 जुलाई को होने वाला है। इसके लिए वाइको शनिवार (जुलाई 6, 2019) को नामांकन दाखिल करेंगे।

गौरतलब है कि, वाइको पर आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के समर्थन में अत्यधिक भडक़ाऊ भाषण देने के आरोप में साल 2009 में मुकदमा दर्ज किया गया था। वाइको ने 15 जुलाई 2009 को चेन्नई में आयोजित एक समारोह में भाग लिया था, जिसमें उन्होंने अपनी पुस्तक ‘आई एक्यूज’ के तमिल अनुवाद का विमोचन किया था। इस दौरान उन्होंने श्रीलंकाई गृह युद्ध पर भाषण देते हुए आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम का समर्थन किया था।

दर्शकों को संबोधित करते हुए वाइको ने कथित तौर पर केंद्र और राज्य सरकारों की आलोचना की और सरकार पर श्रीलंका में नरसंहार का आरोप लगाया। उनके भाषण का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए) और धारा 153 (ए) के तहत मामला दर्ज किया था ।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -