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‘रबड़ के लिंग’ का डेमो देंगी आशा कार्यकर्ताएँ, महाराष्ट्र सरकार की परिवार नियोजन योजना का हो रहा विरोध

राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग के परिवार नियोजन कार्यक्रम के बारे में जागरुकता फैलाने के उपायों के तहत यह कदम उठाया गया है। बताया गया है कि जब आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन किट में डिल्डो दिया गया तो वो इसे देखकर चौंक गईं।

महाराष्ट्र (Maharashtra) में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार ने परिवार नियोजन किट ( Family Planning Kits) के साथ रबर का डिल्डो (Dildo) शामिल करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के इस ‘रबड़ का लिंग’ देने फैसले का आशा कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया है। दरअसल, आशा कर्यकर्ता इस बात से परेशान हैं कि वो गाँवों में यौन सिमुलेशन उपरकरण के बारे में कैसे समझाएँ।

राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग के परिवार नियोजन कार्यक्रम के बारे में जागरुकता फैलाने के उपायों के तहत यह कदम उठाया गया है। बताया गया है कि जब आशा कार्यकर्ताओं को परिवार नियोजन किट में डिल्डो दिया गया तो वो इसे देखकर चौंक गईं। विभाग के अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं को किट का डेमो देने के लिए कहा है। हालाँकि, डिल्डो को लेकर राज्य सरकार की ओर से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।

प्रदेश भर की आशा कर्मी परिवार नियोजन किट में डिल्डो को शामिल किए जाने का विरोध कर रही हैं। कुछ को तो इसके बारे में जानकारी ही नहीं है। ऐसे में गाँवों में इसका डेमो दे पाना उनके लिए चुनौती का विषय बहन गया है। पहले से ही खुले में परिवार नियोजन पर चर्चा विवाद का मुद्दा बना हुआ है, उस पर सरकार द्वारा सेक्सुअल सिमुलेशन डिवाइस पर जोर देने से ये मामला संवेदनशील होता जा रहा है। राज्य में महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली कार्यकर्ता तबस्सुम हुसैन ने इस कदम की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे अपमानजनक और शर्मनाक करार दिया है।

गौरतलब है कि आशा कार्यकर्ता भारत के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तौर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समुदाय का हिस्सा हैं।

नेटिजन्स ले रहे मजे

उद्धव सरकार द्वारा परिवार कल्याण किट में डिल्डो को शामिल किए जाने की खबर के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ ने इसका मजाक उड़ाया तो कइयों ने इसे क्रांतिकारी कदम करार दिया। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो आशा कार्यकर्ताओं के प्रति सहानुभूति का भाव प्रदर्शित कर रहे हैं।

कुछ नेटिजन्स को स्वरा भास्कर की फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ फिल्म में विवादित ‘वाइब्रेटर’ की याद आ गई। लोगों ने इसी बहाने सिल्वर स्क्रीन पर डिल्डो की वकालत करने को लेकर स्वरा भास्कर पर कटाक्ष किया।

इस साहसिक कदम के कारण इंटरनेट यूजर्स को मोशन पिक्चर्स में डिल्डो का उपयोग करने को लेकर एक्ट्रेस की याद दिला दी तो वहीं असल जिंदगी में आशा कार्यकर्ताओं के सामने जनसंख्या नियंत्रण उपाय के तौर पर डिल्डो को लेकर जागरुकता फैलाना बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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