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उधर अरविंद केजरीवाल ने The Kashmir Files को बताया ‘झूठी फिल्म’, इधर AltNews और जुबैर का दावा – नहीं उड़ाया नरसंहार का मजाक

केजरीवाल सहित AAP विधायक 'द कश्मीर फाइल्स' पर ठहाके लगाते हुए देखे गए और Altnews वाले कह रहे हैं कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को नकारा ही नहीं।

एक तरफ जहाँ ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ खुल कर फिल्म ‘The Kashmir Files’ के विरोध में उतर आई है, वहीं दूसरी तरफ खुद को ‘फैक्ट चेकर’ बताने वाला प्रोपेगंडा पोर्टल AltNews ये झूठ फैलाने में लगा हुआ है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को कमतर कर के नहीं दिखाया। जबकि सच्चाई तो ये है कि AAP सुप्रीमो ने इस फिल्म को ही ‘झूठी’ बता दिया, जो सच्ची घटनाओं पर आधारित है।

जबकि AltNews और उसका कर्ताधर्ता जुबैर ये झूठ फैला रहा है कि भाजपा नेता अरविंद केजरीवाल के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। गौर कीजिए कि यहाँ AAP कार्यकर्ता अपने सुप्रीमो के बचाव में नहीं आ रहे, एक मीडिया संस्थान आ रहा है। प्रोपेगंडा पोर्टल ने दावा किया है कि विधानसभा में दिए गए भाषण में कहीं भी कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचारों को नकारा नहीं है। ये तो आपको पता ही होगा कि AltNews ने इसका जिक्र नहीं किया है कि ये अत्याचार किसने किया।

अब भला AltNews क्यों कश्मीरी मुस्लिमों के अत्याचारों को उजागर करेगा? उसका काम तो इसे छिपाना है न, जो पूरा का पूरा इकोसिस्टम पिछले 32 वर्षों से करता आ रहा है। AltNews दावा कर रहा है कि अरविंद केजरीवाल ने कहीं भी कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार को नकारा नहीं, लेकिन वो ये बताना भूल गया कि इन अत्याचारों को दिखाती फिल्म को ही उन्होंने ‘झूठी’ बताते हुए इसे दिल्ली में टैक्स फ्री का दर्जा देने से इनकार कर दिया।

अरविंद केजरीवाल ने इस भाषण में कहा था, “निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को इतना ही शौक है तो बोलो यूट्यूब पर डाल देगा, वहाँ सब कुछ फ्री है और सारे लोग देख लेंगे एक ही दिन के अंदर। टैक्स फ्री कराने की ज़रूरत ही क्या है?” AAP विधायकों ने अपनी पार्टी के सुप्रीमो के इस बयान का स्वागत करते हुए विधानसभा में मेज थपथपाए। केजरीवाल सहित AAP विधायक ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर ठहाके लगाते हुए देखे गए और Altnews वाले कह रहे हैं कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार को नकारा ही नहीं।

अरविंद केजरीवाल ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ की बात करते हुए भाजपा नेताओं को कहा था, “आप एक झूठी पिक्चर के पोस्टर लगाते हुए अच्छे नहीं लगते। ये आपको शोभा नहीं देता।” लोग अब जुबैर से पूछ रहे हैं कि फिल्म पर ठहाके लगाने और इसे यूट्यूब पर डालने की बात कर के उन्होंने क्या कश्मीरी पंडितों के अत्याचार पर जले पर नमक नहीं छिड़का? फिल्म सच्ची नादिमार्ग नरसंहार और बीके गंजू की हत्या जैसी सच्ची घटनाओं पर आधारित है। इस पर ठहाके लगाने का क्या मतलब हो सकता है?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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