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गूगल प्ले स्टोर से हटाई गईं Al-Moazin और Qibla Compass जैसी मुस्लिम प्रेयर ऐप्स: जानें क्या है वजह

यूजर्स की जानकारियाँ चुराने पर बारकोड स्कैनर और क्लॉक ऐप को भी ब्लॉक किया है। इसके अलावा अल मोजिन और किबला कम्पास जैसी ऐप्स पर के विरुद्ध भी गूगल ने एक्शन लिया है।

डिजिटल दुनिया में सबसे बड़ा नाम गूगल कंपनी का है। गूगल अपने यूजर्स को तमाम सुविधाएँ देती है और समय-समय पर अपने यूजर्स की सिक्योरिटी के लिए जरूरी व सख्त कदम भी उठाती है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। यूजर्स को डिजिटली सुरक्षित करने की खातिर गूगल ने प्ले स्टोर से दर्जनों ऐप्स को बैन किया है। इनमें कुछ मुस्लिम प्रेयर ऐप भी हैं जिन्हें करोड़ों बार डाउनलोड किया गया था। कथिततौर पर ये ऐप्स अपने यूजर्स का पर्सनल डेटा कलेक्ट कर रही थीं, जिसकी शिकायत गूगल को कुछ महीनों पहले मिली थी।

सामने आई जानकारी के अनुसार, गूगल ने मशहूर बारकोड स्कैनर और क्लॉक ऐप तक को ब्लॉक किया है। इनके अलावा मुस्लिम प्रेयर ऐप हैं जिन्हें गूगल ने ब्लॉक किया। इनके नाम अल मोजिन और किबला कम्पास हैं। इन्हें गूगल प्ले स्टोर से 1 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका था। रिसर्चर्स ने इन ऐप्स को लेकर पाया कि ये यूजर्स के फोन नंबर, नेटवर्स इन्फॉर्मेशन और IMEI को चुराते थे। शोधकर्ताओं ने बताया कि इन कई ऐप्स में मैलवेयर था जिससे यूजर की पर्सनल जानकारी और दूसरे डेटा को हासिल किया जा सकता था।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि जब यूजर्स ऐसी ऐप्स को अपने फोन में इंस्टॉल करते तो डिवाइस में पड़े डेटा के साथ यूजर का डेटा भी ये ऐप कलेक्ट कर लेतीं। फिर वो फोन नंबर हो, ईमेल एड्रेस हो या कोई और निजी जानकारी। इन ऐप्लीकेशन्स में मैलवेयर को AppCensus के Serge Egelman और Joel reardon ने खोजा था।

रियरडन बताते हैं कि उन्होंने इस खामी को लेकर सबसे पहले गूगल से संपर्क किया और इसकी जानकारी कंपनी को अक्टूबर में दी गई। हालाँकि, शिकायत के बावजूद ऐप 25 अप्रैल तक प्ले स्टोर पर दिखाई दीं। मगर, इसके बाद गूगल ने इस पर अपनी जाँच शुरू की और इन ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया। गूगल ने कार्रवाई करते हुए कहा, गूगल प्ले  पर मौजूद सभी ऐप् को कंपनी की पॉलिसी और गाइडलाइन के अनुसार चलना होगा। अगर कोई ऐप कंपनी के मानकों का उल्लंघन करता है तो उस पर एक्शन लिया ही जाएगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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