Homeराजनीति15000 समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होंगे हार्दिक पटेल, खुद बताई तारीख़: गुजरात...

15000 समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होंगे हार्दिक पटेल, खुद बताई तारीख़: गुजरात की राजनीति में बड़ी हलचल

उनके साथ 15,000 अन्य समर्थक भी भाजपा में शामिल होंगे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल भी मौजूद रहेंगे। गाँधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय में वो हार्दिक पटेल को पार्टी की सदस्यता दिलाएँगे।

गुजरात कॉन्ग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी छोड़ने के बाद अब भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया है कि वो गुरुवार (2 जून, 2022) को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। उनके साथ 15,000 अन्य समर्थक भी भाजपा में शामिल होंगे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल भी मौजूद रहेंगे। गाँधीनगर स्थित भाजपा कार्यालय में वो हार्दिक पटेल को पार्टी की सदस्यता दिलाएँगे।

हार्दिक पटेल ने खुद ANI से बात करते हुए इसकी पुष्टि की है कि वो 2 जून को भाजपा में शामिल हो रहे हैं। ‘पाटीदार आंदोलन’ का चेहरा रहे हार्दिक पटेल को अदालत से ही राहत मिल गई है, ऐसे में अब उनके चुनाव लड़ने का रास्ता भी साफ़ हो गया है। हालाँकि, अभी तक भाजपा ने इस सम्बन्ध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात दौरे पर गए थे। गुजरात में पाटीदारों का अच्छा-खासा प्रभाव है।

इससे पहले उन्होंने उन्होंने कॉन्ग्रेस पर हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मैंने पहले भी कहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी जनता की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का काम करती है, हमेशा हिंदू धर्म की आस्था को नुकसान पहुँचाने का प्रयास करती है। आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री और गुजरात कॉन्ग्रेस के नेता ने बयान दिया की राम मंदिर की ईंटों पर कुत्ते पेशाब करते हैं..!” उन्होंने पूछा था कि कि कॉन्ग्रेस नेताओं को भगवान श्रीराम से क्या दुश्मनी है?

कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने के बाद हार्दिक पटेल ने कहा था, “जब भी राहुल गाँधी गुजरात में आते हैं, तो हम अपेक्षा करते हैं कि वह यहाँ के जमीनी मुद्दों पर बात करेंगे। लेकिन यहाँ पार्टी के नेता उनके आने पर उनकी खातिरदारी में जुट जाते हैं कि वो कब खाएँगे, क्या खाएँगे। नाश्ते में क्या लेंगे। उनके लिए कौन सा चिकन सैंडविच लाना है, कहाँ से लाना है। ये सब देखकर बहुत दुःख होता है। ये लोग अपनी गलतियों को सुधारना ही नहीं चाहते हैं। इसलिए जो गलत होगा उस पर बोलूँगा।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -