Homeदेश-समाजराँची में मारे गए दंगाइयों के परिजनों के लिए कॉन्ग्रेस MLA इरफान अंसारी ने...

राँची में मारे गए दंगाइयों के परिजनों के लिए कॉन्ग्रेस MLA इरफान अंसारी ने ₹50 लाख और सरकारी नौकरी माँगी: पत्थरबाजों को बताया प्रदर्शनकारी

कर्नाटक के बेलगावी जिले में नूपुर शर्मा के पुतले को किला रोड की एक दरगाह के पास फाँसी पर लटका दिया गया था। हिन्दू संगठनों की चेतावनी के बाद DCP बेलगावी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है और आरोपितों की तलाश की जा रही है।

भाजपा (BJP) की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) द्वारा TV डिबेट में दिए गए एक जवाब के बाद शुक्रवार (10 जून 2022) को कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हुए। इनमें दिल्ली, UP, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, कर्नाटक आदि प्रमुख हैं।

झारखंड की राजधानी राँची में पुलिस पर हमले किए गए, जिसको लेकर पुलिस ने फायरिंग की और उसमें 2 दंगाई मारे गए। हिंसा को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई। कई स्थानों पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। आरोपितों के पहचान के लिए CCTV फुटेज, वीडियो आदि खँगाले जा रहे हैं।

राँची में पुलिस की गोली से जिन 2 दंगाइयों की मौत हुई है, उनके नाम मुदस्सिर उर्फ कैफी और मोहम्मद साहिल बताए जा रहे हैं। पुलिस को मजबूरन गोली तब चलानी पड़ी, जब उन पर पथराव होना शुरू हुआ और वाहनों को तोड़ा जाने लगा। कुछ रिपोर्ट में दंगाइयों की तरफ से भी गोली चलने की बात कही गई है।

झारखंड में जामताड़ा से कॉन्ग्रेस विधायक इरफ़ान अंसारी (Congress MLA Irfan Ansari) ने दंगाइयों की बजाय पुलिस पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने गोली चलाने पर पुलिस की निंदा करते हुए राँची SP सिटी पर कार्रवाई और मरने वालों के परिवार को 50 लाख रुपए तथा सरकारी नौकरी की माँग की है।

वहीं, कर्नाटक के बेलगावी जिले में नूपुर शर्मा के पुतले को किला रोड की एक दरगाह के पास फाँसी पर लटका दिया गया। भाजपा और हिंदूवादी नेताओं की शिकायत पर पुलिस ने इस पुतले को हटाया। हिन्दू संगठनों ने ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। DCP बेलगावी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है और आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।

महाराष्ट्र के कई हिस्सों में नूपुर शर्मा के खिलाफ प्रदर्शन हुए। नवी मुंबई के पास पनवेल में लगभग 2 हजार महिला प्रदर्शनकारियों ने नूपुर शर्मा के लिए फाँसी की माँग की। मुंबई के शिवजी पार्क के वाशी में भी नूपुर शर्मा के खिलाफ भीड़ ने नारेबाजी की। इसी प्रकार के प्रदर्शन ठाणे, औरंगाबाद, पुणे, सोलापुर, नंदुरबार, भंडारा, चन्द्रपुरऔर लातूर में भी हुए।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में भी नूपुर शर्मा के विरोध में चरमपंथी प्रदर्शनकारियों ने सड़क को रोक दिया। इसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर लम्बा जाम लग गया था। इस दौरान सड़क पर टायर रख कर जलाए गए। इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से दिल्ली जाकर विरोध जताने को कहा।

वहीं, दिल्ली की जामा मस्जिद में भी बिना अनुमति के लगभग 1500 प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया, लेकिन पुलिस ने लगभग 15 मिनट में ही हालात पर काबू पा लिया। पुलिस ने बिना अनुमति जमावड़ा करने को लेकर केस दर्ज किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी, केजरीवाल-मान-सिसोदिया के साथ तस्वीरें: कौन है AAP नेता अशोक ओझा, जो अपनी ही पार्टी के नेताओं को IB के नाम...

अशोक ओझा केवल शहर स्तर का पदाधिकारी नहीं था, बल्कि पार्टी के बड़े नेताओं के साथ सीधा संपर्क रखने वाला और संगठन में पहचान रखने वाला चेहरा था।

जनगणना में मातृभाषा का एक जवाब तय करता है देश का बजट, शिक्षा नीति और राजनीतिक प्रतिनिधित्व: जानिए उर्दू-अरबी से लेकर 19000 भाषाई पहचान...

लोकतंत्र में संख्या बल ही किसी भी भाषाई समूह की माँगों को मजबूती देता है। बहुभाषी भारत में यह जनगणना तय करती है कि आने वाले समय में सरकारी संसाधन और प्रशासनिक विकास किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
- विज्ञापन -