Homeराजनीतिचौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा, कुमारस्वामी के आदेशों पर लगाई रोक

चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने येदियुरप्पा, कुमारस्वामी के आदेशों पर लगाई रोक

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें शपथ दिलाई है। इसके साथ ही राज्‍यपाल ने उन्‍हें एक सप्‍ताह के अंदर अर्थात 31 जुलाई तक बहुमत साबित करने के लिए कहा है।

करीब एक महीने से चल रहा था कर्नाटक का ‘नाटक’ खत्म हो चुका है। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार (जुलाई 26, 2019) को सीएम पद की शपथ ले ली। वह चौथी बार मुख्यमंत्री का कमान संभालेंगे। कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने उन्हें शपथ दिलाई है। इसके साथ ही राज्‍यपाल ने उन्‍हें एक सप्‍ताह के अंदर अर्थात 31 जुलाई तक बहुमत साबित करने के लिए कहा है। उनके शपथ ग्रहण में बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ ही कॉन्ग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग भी शामिल हुए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेते ही येदियुरप्पा के एक आदेश ने सरकारी महकमे में खलबली मचा दी है। दरअसल, मुख्‍य सचिव ने सभी उपसचिवों को पत्र लिखकर कुमारस्‍वामी द्वारा जुलाई में दिए गए सभी आदेशों को रोकने की सख्त हिदायत दे दी है।

बता दें कि कॉन्ग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार के मंगलवार को शक्ति परीक्षण में असफल रहने के बाद से येदियुरप्पा सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान से निर्देश मिलने का इंतजार कर रहे थे। इसे लेकर जगदीश शेट्टार, अरविंद लिंबावली, मधुस्वामी, बसवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र समेत कर्नाटक बीजेपी के नेताओं ने गुरुवार को नई दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी और ऐसा बताया जा रहा है कि उन्होंने सरकार गठन के बारे में चर्चा की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -