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‘आपने शिवसेना नेता को बहुत परेशान किया, अब आपको मारने का समय आ गया’: एकनाथ शिंदे समर्थक MLA और भाजपा नेता को धमकी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तुरंत बाद इस्तीफे का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के आदेश पर गुरुवार (30 जून, 2022) को विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

महाराष्ट्र में सियासी उठा-पटक के बीच भाजपा और शिवसेना के बागी नेताओं को धमकी भरे फोन कॉल और पत्र मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ठाणे जिले के अंबरनाथ शहर से शिवसेना के बागी विधायक बालाजी किनिकर (Balaji Kinikar) और बीजेपी विधायक प्रसाद लाड (BJP MLA Prasad Lad) को जान से मारने की धमकी मिली है।

बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस ने बुधवार (29 जून) को बताया कि ठाणे जिले के अंबरनाथ से विधायक किनिकर के कार्यालय को गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी भरा पत्र एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) गुट में शामिल किनिकर के कार्यालय में भेजा गया। इसके बाद उनके निजी सचिव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद मामले की जाँच की जा रही है। वहीं, अंबरनाथ में किनिकर को ‘विश्वासघाती’ बताने वाले पोस्टर भी लगाए गए हैं।

पत्र में कहा गया है, “डॉ बालाजी किनिकर को गोली मारने का समय आ गया है। आपने हमारे शिवसेना नेता को बहुत परेशान किया है। मैं यह पत्र इसलिए लिख रहा हूँ, क्योंकि मरने से पहले आपको डर में जीना चाहिए।”

उधर, बीजेपी विधायक प्रसाद लाड ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक अज्ञात फोन नंबर से जान से मारने की धमकी मिली है। पिछले दो दिनों से उस फोन नंबर से धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए मेरी जान को खतरा है।” इस घटना के बाद प्रसाद लाड ने संयुक्त पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई है।

मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर (Former Mumbai Mayor Kishori Pednekar) को भी धमकी भरा पत्र मिला है, जिसमें उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। पत्र में पेडनेकर के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग और NCP नेता अजित पवार का जिक्र किया गया है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद तुरंत बाद इस्तीफे का ऐलान किया था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के आदेश पर गुरुवार (30 जून, 2022) को विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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