Homeदेश-समाजकानपुर में अवैध मकान गिरवाने पहुँची पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला, 3 घायल: UP...

कानपुर में अवैध मकान गिरवाने पहुँची पुलिस पर ईंट-पत्थरों से हमला, 3 घायल: UP पुलिस ने छत पर चढ़ बरसाई लाठियाँ, 2 पत्थरबाज गिरफ्तार

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पहुँचे पुलिस-प्रशासन पर 18 अक्टूबर 2022 को पथराव किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद 2 पुलिसकर्मियों के साथ एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले गई और छत से ईंट पत्थर फेंक रहे दोनों आरोपितों पर जमकर लाठियाँ बरसाई।

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले (Kanpur Dehat News) में मंगलवार (18 अक्टूबर 2022) को कोर्ट के आदेश पर कब्जा हटाने गई पुलिस की टीम पर पथराव करने वालों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सोशल मीडिया पर दो दिन बाद इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि पुलिस की टीम इन पत्थरबाजों पर जमकर लाठियाँ बरसाते हुए नजर आ रही है। पत्रकार तुषार श्रीवास्तव ने यह वीडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमीन विवाद का यह मामला कानपुर देहात के थाना भोगनीपुर के पुखरायाँ कस्बे का है। यहाँ कोर्ट के आदेश पर अवैध कब्जे पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए पहुँचे पुलिस-प्रशासन पर 18 अक्टूबर 2022 को पथराव किया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद 2 पुलिसकर्मियों के साथ एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले गई और छत से ईंट पत्थर फेंक रहे दोनों आरोपितों पर जमकर लाठियाँ बरसाई।

बता दें कि जमीन का विवाद न्यायालय अपर सिविल जज (सी.डि) कोर्ट संख्या -01, कानपुर देहात में सत्यदेव बनाम मोतीलाल कोर्ट में विचाराधीन चल रहा था। लंबे समय के बाद कोर्ट ने सत्यदेव के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पुलिस को निर्देश दिया था कि जमीन के ऊपर बने अवैध मकान की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए और कब्जा दिलवाया जाए। पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए यहाँ पहुँची थी।

कानपुर देहात के भोगनीपुर में रहने वाले सत्यदेव ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वह न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुँचे थे। इस दौरान समीर और कार्तिक ने मकान की छत से गाली गलौज करते हुए ईट पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस ने सत्यदेव के शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ आईपीसी 353, 332, 336 और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। फिर जाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ सकी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -