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पुरुष क्रिकेटरों की तरह महिलाओं को भी टेस्ट के लिए ₹15 लाख और ODI के लिए मिलेंगे ₹6 लाख, BCCI के सचिव जय शाह बोले- लैंगिक समानता की दिशा में पहला कदम

क्रिकेट में महिला-पुरुषों को समान वेतन देने की पहल इस साल जुलाई में सबसे पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने शुरू की थी। न्यूजीलैंड क्रिकेट समान मैच फीस लागू करने वाला पहला बोर्ड था। इसको लेकर न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड और 6 बड़ी एसोसिएशन के बीच एग्रीमेंट हुआ। यह डील पहले 5 साल के लिए की गई है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिला और पुरुष क्रिकेट टीम के बीच फीस के भेदभाव को खत्म करते हुए ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। बीसीसीआई ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) कहा कि अब से महिला और पुरुष क्रिकेट टीम को बराबर फीस मिलेगी।

बोर्ड के सचिव जय शाह (Jay Shah) ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बीसीसीआई ने इस भेदभाव को दूर करने के लिए पहला कदम उठाया है। हम अपनी अनुबंधित महिला क्रिकेटरों के लिए पे इक्विटी पॉलिसी लागू कर रहे हैं।”

BCCI सचिव ने कहा, “हम अब लैंगिक समानता के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। इस नई पॉलिसी के तहत अब से महिला और पुरुष क्रिकेटरों को एक समान मैच फीस जाएगी।” उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेटरों को पुरुष की तरह टेस्ट मैच के लिए 15 लाख रुपए, वनडे इंटरनेशनल के लिए 6 लाख रुपए और टी20 मैच के लिए 3 लाख रुपए मैच फीस मिलेगी।

बताया जा रहा है कि अभी महिला क्रिकेटरों को एक वनडे या टी-20 इंटरनेशनल मैच के लिए 1 लाख रुपए ही मिलते हैं। वहीं एक टेस्ट मैच के लिए 4 लाख की फीस मिलती है। भारत में महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए बीसीसीआई ने न केवल पे इक्विटी पॉलिसी को लागू करने का फैसला लिया है, बल्कि मार्च 2023 से महिला आईपीएल शुरू करने की तैयारी की है। इस टूर्नामेंट में कुल 5 टीमें होंगी। यह पुरुष आईपीएल की तरह ही होगा।

बता दें कि क्रिकेट में महिला-पुरुषों को समान वेतन देने की पहल इस साल जुलाई में सबसे पहले न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड (NZC) ने शुरू की थी। न्यूजीलैंड क्रिकेट समान मैच फीस लागू करने वाला पहला बोर्ड था। यह डील पहले 5 साल के लिए की गई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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