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MCD में फिर से BJP को पूर्ण बहुमत, सीटें बढ़ने के बावजूद पीछे रहेगी अरविंद केजरीवाल की पार्टी: ABP-C Voter के सर्वे में खुलासा – कॉन्ग्रेस का होगा और बुरा हाल

कॉन्ग्रेस की हालत बदतर है और उसके पास दिल्ली नगर निगम में मात्र 31 सीटें ही हैं। ABP और C-Voter सर्वे की मानें तो इस बार कॉन्ग्रेस का और बुरा हाल होगा।

दिल्ली में MCD (नगर निगम) के चुनाव होने हैं, ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा यहाँ अपना दबदबा बरकरार रखेगी, या प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी AAP स्थानीय निकाय में भी अपना सिक्का जमाएगी। इसी बीच चुनाव से पहले ABP News और C-Voter का संयुक्त सर्वे (ओपिनियन पोल) सामने आया है, जिसमें दिल्ली की जनता ने अपनी राय दी है। इसमें MCD में भाजपा की वापसी होते हुए दिखाया गया है।

इस सर्वे के अनुसार, 250 सीटों वाले दिल्ली नगर निगम में भाजपा 118-138 सीटें पाकर पूर्ण बहुमत लाती हुई दिख रही है, वहीं अरविंद केजरीवाल की ‘आम आदमी पार्टी’ 104-124 सीटों तक सिमट जाएगी। 4 दिसंबर, 2022 को MCD का चुनाव होना है। दिल्ली की तीनों नगर निगम (पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी) को मिला कर इस बार एक कर दिया गया है। अर्थात, अब EDMC, NDMC और SDMC को मिला कर MCD का एक ही मेयर होगा।

फ़िलहाल जहाँ भाजपा का 181 सीटों पर कब्ज़ा है, वहीं AAP के पास मात्र 49 सीटें हैं। कॉन्ग्रेस की हालत बदतर है और उसके पास दिल्ली नगर निगम में मात्र 31 सीटें ही हैं। ABP और C-Voter सर्वे की मानें तो इस बार कॉन्ग्रेस का और बुरा हाल होगा। उसे मात्र 4-12 सीटें मिलने का अनुमान ही लगाया गया है। वहीं अन्य के खाते में 0-4 सीटें आ सकती हैं। वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को 42%, AAP को 40% और कॉन्ग्रेस को 16% मिलती हुई दिख रही है।

माना जा रहा है कि दिल्ली और पंजाब की सत्ता में रहने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी को गैस चैंबर बनने के लिए मजबूर करने और प्रदूषण के खिलाफ प्रभावी कदम न उठाने के कारण MCD चुनाव में aap को नुकसान झेलना पड़ सकता है। वहीं आम आदमी पार्टी कूड़े के मुद्दे को उठा कर भाजपा के खिलाफ हवा बनाने में लगी हुई है। मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जैसे मंत्रियों का घोटालों में फँसना भी AAP के लिए नकारात्मक छवि बना रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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