Homeरिपोर्टमीडिया'लोग घरों में मेरा शो नहीं देखने देते' कहने वाले रवीश जी, लोगों को...

‘लोग घरों में मेरा शो नहीं देखने देते’ कहने वाले रवीश जी, लोगों को आपके बेकार शो मे रूचि नहीं रही

रवीश इस वीडियो में कहते हैं कि जब उनका शो आता है तो लोग टीवी बंद कर देते हैं। उन्होंने अपने एक फैन के सन्देश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि जब वह टीवी पर रवीश का शो देखने बैठता है तो उसका बड़ा भाई टीवी बंद कर देता है। इस देश में क्या हो रहा है?....

एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार का दोहरा रवैया फिर सामने आया है। अगर आप कभी भूले-भटके उनके टीआरपी-विहीन शो ‘प्राइम टाइम’ देख लेते होंगे तो आपको पता होगा कि रवीश हमेशा टीवी से दूर रहने की सलाह देते हैं। “टीवी मत देखिए“, “न्यूज़ में आजकल केवल एंकर चिल्लाते हैं“, “टीवी पर कुछ भी मत देखिए“- ये सभी रवीश के पसंददीदा शब्द रहे हैं। रवीश अक्सर झुंझलाहट में कभी पीएम मोदी को, कभी मीडिया को तो कभी-कभार जनता को ही कोसते हुए नज़र आते हैं।

अब रवीश कुमार के 2 वीडियो वायरल हुए हैं। पहले वाले वीडियो में वह लोगों को टीवी उठा कर फेंक देने की सलाह दे रहे हैं। जबकि दूसरे वाले में अपने शो की टीआरपी कम होने के लिए मोदी को दोष दे रहे हैं। पहले वीडियो में रवीश कुमार पूछ रहे हैं कि क्या आप उस टीवी को नहीं छोड़ सकते, जो भारतीय लोकतंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए दिन-रात एक किए हुआ है? अर्थात, इस वीडियो में रवीश लोगों को टीवी से दूर रहने और टीवी न देखने की सलाह दे रहे हैं।

अब बात दूसरी वायरल वीडियो की। इस वीडियो में रवीश अपने पहले वाले बयान को ही काटते हुए नज़र आ रहे हैं। विरोधाभाष की पराकाष्ठा तय करते हुए रवीश इस वीडियो में कहते हैं कि जब उनका शो आता है तो लोग टीवी बंद कर देते हैं। उन्होंने अपने एक फैन के सन्देश का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि जब वह टीवी पर रवीश का शो देखने बैठता है तो उसका बड़ा भाई टीवी बंद कर देता है। साथ ही रवीश पूछते हैं कि इस देश में क्या हो रहा है? दोनों वीडियो को यहाँ देखिए:

पहले वीडियो में टीवी को फोड़ने की बात करने वाले रवीश दूसरे वीडियो में टीवी बंद भर करने से नाराज़ हो जाते हैं। रवीश ने ‘मीडिया द्वारा बनाए गए माहौल’ पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शो के समय टीवी बंद कर देना तानाशाही है। लोगों ने रवीश कुमार की इस कुंठा युक्त विरोधाभासी दोहरे रवैये पर जमकर चुटकी ली।


Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राहुल गाँधी जिस इमरजेंसी के नाम पर डरा रहे हैं, क्या भारत के मौजूदा हालात में वो संभव है? जानिए संवैधानिक प्रक्रिया और इमरजेंसी...

संविधान के तहत देशव्यापी आपातकाल के लिए केवल अनुच्छेद 352 (राष्ट्रीय आपातकाल) और अनुच्छेद 360 (आर्थिक आपातकाल) का ही प्रावधान है।

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।
- विज्ञापन -