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जानिए क्या हुआ जब बिना जाँचे ही नितिन गडकरी की कार का बना दिया पॉल्यूशन सर्टिफिकेट

गडकरी की कार की कोई भी, किसी भी तरह की जाँच नहीं की गई थी और न तो कार से होने वाले पॉल्यूशन के स्तर को देखा गया, न ही सिलेंडर को चैक किया गया। इन सभी प्रक्रियाओं को बाईपास करते हुए पीयूसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की कार का पुणे में बिना प्रदूषण जाँचे ही पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल का सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसा करना अब पीयूसी सेंटर की परेशानी का कारण बन गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, डेक्कन पुलिस स्टेशन में PUC सेंटर के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह काम किसी एक व्यक्ति ने किया है। हालाँकि उसके नाम का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, गडकरी की कार की कोई भी, किसी भी तरह की जाँच नहीं की गई थी और न तो कार से होने वाले पॉल्यूशन के स्तर को देखा गया, न ही सिलेंडर को चैक किया गया। इन सभी प्रक्रियाओं को बाईपास करते हुए पीयूसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया। जिस कारण FIR दर्ज किया गया है। वैसे यह कोई नई बात नहीं है अक्सर तमाम गाड़ियों के प्रदूषण सर्टिफिकेट ऐसे ही जारी होते हैं लेकिन चूँकि इस बार गाड़ी स्वयं परिवहन मंत्री की थी इसलिए मामला उल्टा पड़ गया।

आपको बता दें कि नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद केंद्रीय सड़क और परिवहन राज्यमंत्री वीके सिंह की गाड़ी का भी चालान कट चुका है। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद दी थी। इधर बिहार में नए मोटर व्हिकल एक्ट की जद में केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की गाड़ी भी आ गई थी। अश्विनी चौबे की गाड़ी पर 2500 रुपए का चालान काटा गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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