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दलित महिला की मजहर के 4 बेटों ने मिलकर की पिटाई, गाली-गलौच और धमकी देकर फरार हुए: UP पुलिस ने इरफान को पकड़ा

घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपित इरफ़ान पीड़ितों से वीडियो बनाने पर नाराजगी दिखा रहा है। इरफ़ान ने कहा, "वीडियो बना कर हमारी $% टें बनवा लेना।"

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक दलित महिला की पिटाई का मामला सामने आया है। पीड़िता का नाम शिवकली है। शिवकली के साथ उनके बेटे रामू को भी पीटा गया है और जातिसूचक शब्द बोले गए हैं। पिटाई का आरोप मजहर नाम के व्यक्ति के 4 बेटों पर लगा है। पुलिस ने 1 आरोपित इरफ़ान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि फरार चल रहा आरोपित नन्हे पीड़िता के घर पहुँच कर केस वापसी का दबाव बना रहा है। घटना शुक्रवार (9 जून 2023) की है।

मामला सीतापुर जिले के थानाक्षेत्र पिसांवा का है। यहाँ गाँव सेजखुर्द के रहने वाले अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के रामू ने 9 जून को पुलिस को सूचना दी कि घटना के दिन वह गाँव के पास किसी व्यक्ति से खेतों की बुवाई-जुताई की बात कर रहा था। रामू की माँ शिवकली भी यहाँ मौजूद थीं। इस दौरान हो रही बातचीत में मज़हर का बेटा इरफ़ान भी बेवजह दखलंदाजी करने लगा। रोके जाने पर इरफ़ान ने रामू को जातिसूचक गालियाँ देना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में इरफ़ान के अन्य भाई नन्हे, नंगई और ताहर भी वहाँ पहुँच गए।

शिकायतकर्ता ने बताया कि इरफ़ान ने अपने 3 भाइयों के साथ मिलकर उन्हें और उनकी माँ शिवकली को मारा-पीटा। इस मारपीट में आरोपितों द्वारा लात-घूँसों के साथ लाठी-डंडों का भी प्रयोग किया गया। घटना को देख कर आस-पास के ग्रामीण जमा हुए और उन्होंने बीच-बचाव किया। थोड़ी देर बाद सभी 4 आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए घटनास्थल से भाग गए। पुलिस ने आरोपितों पर IPC की धरा 323, 504 और 506 के साथ SC/ST एक्ट में केस दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपित इरफ़ान को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपित इरफ़ान पीड़ितों से वीडियो बनाने पर नाराजगी दिखा रहा है। इरफ़ान ने कहा, “वीडियो बना कर हमारी $% टें बनवा लेना।”

नामजद आरोपित पहुँच गया पीड़ित के घर

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित रामू से बात की। पीड़ित मेहनत मजदूरी कर के अपना गुजारा करता है। रामू ने हमें बताया कि FIR दर्ज करवाने के बाद केस ने नामजद इरफ़ान को भले पकड़ लिया गया लेकिन एक अन्य आरोपित नन्हे (इरफ़ान का ही भाई) 11 जून (रविवार) की सुबह उनके घर पहुँच गया है। नन्हे पर आरोप है कि उसने पीड़ित पर केस वापसी का दबाव बनाया। हालाँकि पीड़ित ने सिर्फ कार्रवाई की माँग करते हुए केस में पीछे हटने से मना कर दिया। रामू ने बताया कि नामजद हुए मजहर के चारों बेटे कोई अच्छा काम धंधा नहीं करते बल्कि उनका गुजरा ठगी कर के होता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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